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post authorAdmin 20 Nov 2025

“सीएम धामी का देहरादून ISBT में कड़ा औचक निरीक्षण: गंदगी देख खुद उठाई झाड़ू — अगली बार पूरी व्यवस्था दुरुस्त दिखनी चाहिए”.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार दोपहर सचिवालय से सीधे देहरादून आईएसबीटी पहुंचकर वहाँ की व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री के अचानक पहुँचने से प्रशासनिक विभागों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। उन्होंने परिसर की स्वच्छता, यात्रियों की सुविधाओं, परिवहन व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन की बारीकी से समीक्षा की।

 

निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर फैली गंदगी देखकर मुख्यमंत्री ने कड़ी नाराज़गी जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आईएसबीटी जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मौके पर ही मुख्यमंत्री ने झाड़ू उठाकर सफाई में योगदान दिया और संदेश दिया कि स्वच्छता अभियान कागज़ों पर नहीं बल्कि जमीन पर दिखना चाहिए।

 

सीएम धामी ने परिवहन विभाग और एमडीडीए अधिकारियों को निर्देश दिए कि:

 

परिसर की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए

 

हर स्थान पर स्वच्छता संबंधी सूचना पट्ट लगाए जाएँ

 

यात्रियों को धूल, कचरे और प्रदूषण-मुक्त वातावरण मिले

 

व्यवस्था सुधारने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तुरंत लागू की जाए

 

 

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी को विशेष रूप से निर्देशित किया गया कि आईएसबीटी की स्वच्छता और संचालन व्यवस्था में जल्द से जल्द ठोस सुधार किए जाएँ।

 

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने बस संचालन, टिकट काउंटर, प्रतीक्षालय, पेयजल, शौचालय, दुकानों और सुरक्षा व्यवस्थाओं का भी विस्तार से जायज़ा लिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड एक प्रमुख पर्यटन और तीर्थ राज्य है, जहाँ प्रतिवर्ष करोड़ों पर्यटक आते हैं। ऐसे में बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और परिवहन केंद्रों पर उच्च स्तरीय स्वच्छता व सुविधाएँ प्राथमिकता होनी चाहिए।

 

आईएसबीटी में मौजूद यात्रियों से बातचीत कर मुख्यमंत्री ने उनकी समस्याओं और सुझावों को सुना। उन्होंने कहा कि जनता का फीडबैक ही व्यवस्था सुधारने का सबसे बड़ा आधार है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार जल्द ही पूरे राज्य में जनभागीदारी आधारित व्यापक स्वच्छता अभियान शुरू करने जा रही है।

 

अंत में उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगली बार निरीक्षण के दौरान आईएसबीटी की सभी व्यवस्थाएँ पूरी तरह दुरुस्त दिखनी चाहिए, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

 

निरीक्षण के दौरान परिवहन विभाग एवं एमडीडीए के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।