kotha
post authorAdmin 09 Dec 2025

भारत ने बब्बर खालसा से जुड़े चरमपंथी संगठनों पर ब्रिटेन की कार्रवाई का स्वागत किया.

भारत ने यूनाइटेड किंगडम सरकार द्वारा बब्बर खालसा से जुड़े खालिस्तान समर्थक चरमपंथी संगठनों पर प्रतिबंध लगाने के फैसले का स्वागत किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह कदम वैश्विक आतंकवाद-रोधी प्रयासों को मजबूत करेगा और भारत विरोधी गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई की दिशा में महत्वपूर्ण है।

साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में जायसवाल ने कहा कि नई दिल्ली उन व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ ब्रिटेन की कार्रवाई की सराहना करता है, जो चरमपंथी गतिविधियों में शामिल हैं। उनके अनुसार, ऐसे तत्व केवल भारत और ब्रिटेन ही नहीं, बल्कि वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करते हैं।

यह बयान ब्रिटिश ट्रेजरी द्वारा 4 दिसंबर को खालिस्तान समर्थक व्यक्ति गुरप्रीत सिंह रेहल की संपत्ति ज़ब्त करने और उन्हें निदेशक पद से अयोग्य घोषित किए जाने के बाद आया। ब्रिटेन ने बब्बर खालसा को बढ़ावा देने से जुड़े संगठनों की संपत्ति भी ज़ब्त की है, जिसमें बब्बर अकाली लहर शामिल है।

खालिस्तानी उग्रवाद का मुद्दा लंबे समय से भारत-यूके संबंधों में चिंता का विषय रहा है। इस वर्ष ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर की भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने भी बताया कि भारत ने कई दौर की वार्ताओं में इस विषय पर चर्चा की है।

लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग में तोड़फोड़ सहित अन्य भारत विरोधी घटनाओं के बाद यह मुद्दा फिर से प्रमुखता में आया है।