मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जेल विकास बोर्ड की बैठक में राज्य की जेलों के लिए अलग मॉडल विकसित करने पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि “एक जेल–एक प्रोडक्ट” की अवधारणा को गंभीरता से लागू किया जाए ताकि कैदियों को स्वरोज़गार और कौशल विकास के अवसर मिल सकें।
बैठक में सितारगंज खुली जेल में कच्ची घानी सरसों तेल संयंत्र लगाने तथा हरिद्वार और सितारगंज जेल में मशरूम की खेती शुरू करने की सहमति दी गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जेलों में तैयार उत्पादों का उपयोग सरकारी कार्यालयों में बढ़ाया जाए।
उन्होंने कहा कि कैदियों के कौशल विकास के लिए आईटीआई के माध्यम से विभिन्न ट्रेड में नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएं। साथ ही अधिकारियों को जेलों में भोजन और चिकित्सा सुविधाओं की नियमित समीक्षा के निर्देश दिए।



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