उत्तराखंड की विभिन्न जेलों से कोरोना काल के दौरान छोड़े गए 477 कैदी अब तक लापता हैं। इन कैदियों के खिलाफ न्यायालयों द्वारा गैर-जमानती वारंट भी जारी किए जा चुके हैं, लेकिन पुलिस को अभी तक उनका कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है।
कोरोना महामारी के दौरान वर्ष 2020 में जेलों में संक्रमण के खतरे को देखते हुए बड़ी संख्या में कैदियों को अस्थायी रूप से रिहा किया गया था। महामारी समाप्त होने के बाद सभी कैदियों को जेलों में लौटने के निर्देश दिए गए। हालांकि, अधिकांश बंदी वापस लौट आए, लेकिन 477 कैदी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए।
इन फरार कैदियों में हत्या, लूट, डकैती, बलात्कार और चोरी जैसे संगीन अपराधों में शामिल आरोपी भी हैं। इनमें 49 सजायाफ्ता और 328 विचाराधीन (अंडर ट्रायल) बंदी शामिल बताए गए हैं।
एडीजी (जेल) अभिनव कुमार के अनुसार, पुलिस विभाग से अनुरोध किया गया है कि इन कैदियों की गिरफ्तारी को क्राइम ड्राइव के तहत प्राथमिकता दी जाए। डीजीपी स्तर से इस प्रस्ताव पर सहमति मिल चुकी है।
डीजीपी दीपम सेठ ने राज्य पुलिस को इन फरार कैदियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष ऑपरेशन चलाने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले भी संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई थी, लेकिन सफलता नहीं मिली।



Admin






