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post authorAdmin 26 Nov 2025

पहली बार: कमंदा गांव में महत्त्वपूर्ण विकास चौपाल — ग्रामीणों के लिए 5 बड़े बदलावों के संकेत.

नैनीडांडा विकासखंड के राजकीय इंटर कॉलेज कमंदा में मंगलवार को आयोजित विकास-चौपाल का उद्घाटन हुआ, जिसकी अध्यक्षता गिरीश गुणवंत (CDO, पौड़ी) ने की। यह ऐतिहासिक पल इसलिए भी था क्योंकि स्वतंत्रता के बाद पहली बार CDO सीधे कमंदा गांव पहुंचे — जिसने यह संकेत दे दिया कि अब प्रशासन ग्रामीण समस्याओं और विकास को प्राथमिकता दे रहा है।

कृषि एवं ग्रामीण आय बढ़ाने पर जोर

CDO ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने हेतु क्लस्टर आधारित एकीकृत कृषि योजनाओं को लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से जड़ी-बूटी और सुगंधित पौधों के उत्पादन को बढ़ावा देने की बात कही, जिससे:

  • ग्रामीणों की आमदनी में वृद्धि हो सके।

  • कृषि पर निर्भरता बनाए रखते हुए आर्थिक विविधता लाई जा सके।

“हम चाहते हैं कि कमंदा गांव की मिट्टी से खुशबू और हरियाली साथ उठे — ताकि आपका परिवार आर्थिक रूप से मजबूत बने।” — CDO गिरीश गुणवंत

यह पहल ग्रामीणों के लिए न सिर्फ रोज़गार के अवसर बढ़ाएगी, बल्कि गांव की आर्थिक आत्मनिर्भरता की नींव भी मजबूत करेगी।

बिजली हादसे में मृत्यु — मुआवजे को लेकर CDO की सख्त चेतावनी

चौपाल के दौरान एक संवेदनशील मामला सामने आया: लगभग एक साल पहले, बिजली का तार टूटने से हुई एक महिला की मौत के बाद, अभी तक मृतक परिवार को मुआवजा नहीं मिला था। इसके जवाब में, CDO ने विद्युत विभाग के अधिकारियों पर कड़ी नाराज़गी जताई और तत्काल मुआवजे के निर्देश दिए।

यह कदम इस बात का संकेत है कि अब प्रशासन दुर्घटनाओं और आपदाओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाता है, और पीड़ितों को न्याय दिलाना प्राथमिकता में रखता है।

गो-संरक्षण और गौशाला का श्रेय — भविष्य की तैयारी

CDO के साथ मौजूद थे उत्तराखंड गो सेवा आयोग के सदस्य धर्मवीर सिंह गुसाई। उन्होंने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए सरकार की गो-संरक्षण एवं संवर्धन प्रतिबद्धता दोहराई।

धर्मवीर सिंह गुसाई ने बताया कि जल्द ही नैनीडांडा क्षेत्र में एक गौशाला का निर्माण होगा, जिससे:

  • गांव में गोवंश के संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा।

  • गौ-संरक्षण के साथ ग्रामीणों को गोपालन से जुड़ी आय के अवसर मिलेंगे।

यह परियोजना गांव के पारम्परिक और सांस्कृतिक मूल्यों को पुनर्जीवित करने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी मददगार साबित होगी।

उपस्थित जनप्रतिनिधि और ग्रामीणों की प्रतिक्रिया

विकास चौपाल में उपस्थित थे:

  • BDO: प्रमोद कुमार पांडे

  • ग्राम प्रधान: मीनाक्षी देवी

  • समाजसेवी: धीरेंद्र सिंह नेगी

  • सैकड़ों ग्रामीण

ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना की और उम्मीद जताई कि सरकार की योजनाओं से उन्हें जल्द लाभ मिलेगा। कई लोगों ने विशेष रूप से कहा कि जड़ी-बूटी खेती और गौपालन से उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सकती है।

कमंदा गांव में हुई यह चौपाल — “गिरीश गुणवंत का कमंदा आगमन” — संकेत है कि अब प्रशासन गांव स्तर पर सक्रिय हो रहा है। कृषि, प्राकृतिक संसाधन, समाज और विकास — सभी आयामों को ध्यान में रखते हुए योजनाओं की रूपरेखा तैयार की गई है। अगर ये घोषणा-व्यवसाय सही समय पर लागू हुई, तो कमंदा गांव और नैनीडांडा क्षेत्र में ग्रामीण विकास की नई कहानी लिखी जा सकती है।