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post authorAdmin 27 Nov 2025

नैनीताल में सीएम धामी की मॉर्निंग वॉक — जनता से चाय-संवाद और नयना देवी मंदिर का विकास जायजा.

सुबह-सुबह पंत पार्क तक पैदल — जनसंपर्क का नया अंदाज़

गुरुवार की सुबह लगभग 7 बजे, पुष्कर सिंह धामी नैनीताल के एटीआई से पैदल निकलकर पंत पार्क तक पहुंचे। रास्ते में उन्होंने आम नागरिकों, पर्यटकों और स्कूली बच्चों से अनौपचारिक बातचीत की। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से उनकी दिक्कतों व हाल-चाल भी जाना।

इस सहज अंदाज़ ने दिखा दिया कि वे सिर्फ औपचारिक दौरे पर नहीं, बल्कि लोगों तक पहुंचने और उनकी आवाज़ सुनने के लिए निकले थे।

पंत पार्क में नयना देवी मंदिर का निरीक्षण — नए रूप की तैयारी

पंत पार्क पहुंचने पर सीएम धामी ने निर्माणाधीन नयना देवी मंदिर के नए गेट का निरीक्षण किया। उन्होंने उक्त निर्माण को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।

मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने बताया कि इसे और भव्य, आकर्षक रूप देने के लिए ₹11 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। कई विकास-कार्य तेजी से प्रगति पर हैं।

चाय की चुस्कियों के बीच जनसंवाद — आमजन से जुड़े

निरीक्षण के बाद, सीएम धामी ने स्थानीय लोगों से चर्चा करते हुए एक फड़ (चाय की दुकान) पर चाय बना कर पी। चाय-संवाद के दौरान उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं, सुझाव लिये और सरकार की योजनाओं को लेकर आश्वासन दिया।

उन्होंने कहा कि चूंकि ठंड बढ़ रही है, इसलिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी रैन बसेरों और जमीनी सुविधाओं की व्यवस्थाएँ दुरुस्त रखें।

अन्य विकास कार्यों की समीक्षा — भूस्खलन सुरक्षा एवं सुधार कार्य

इसके अलावा, सीएम धामी ने जिले में चल रहे अन्य विकास-कार्य भी जाँचे:

  • डीएसए मैदान के सुधार

  • बलिया नाला व ठंडी सड़क क्षेत्र में भूस्खलन सुरक्षा कार्य

  • स्थानीय प्रशासन को इन कार्यों में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए गए।

समुदाय व अधिकारियों के बीच संवाद — किसके साथ थे मौजूद

इस दौरान उनके साथ कई अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद थे, जिनमें शामिल थे: जिला अधिकारी, पुलिस कप्तान, स्थानीय नेता व विभागीय अधिकारी। उन्होंने सुनिश्चित किया कि विकास-कार्य सुचारू रूप से चलें। 

नैनीताल में सीएम धामी की यह मॉर्निंग वॉक सिर्फ सैर-सपाटा नहीं, बल्कि जनता से संवाद, विकास-कार्य की समीक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही का एक प्रांदर्भिक उदाहरण रही। नयना देवी मंदिर, भूस्खलन सुरक्षा, सड़क सुधार व रैन बसेरों की तैयारी — हर काम का जायजा लिया गया। उनकी सरलता, जनता से जुड़ाव और तुरंत कार्रवाई की प्रतिबद्धता, राज्य सरकार की कार्य-शैली के सकारात्मक संकेत हैं।