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post authorAdmin 26 Dec 2025

माथे पर त्रिपुंड, गले में रुद्राक्ष… ‘खजाने’ के नाम पर 81 लाख की ठगी, देहरादून में फर्जी तांत्रिकों का बड़ा खेल.

देहरादून।
उत्तराखंड की राजधानी Dehradun में फर्जी तांत्रिकों के एक गिरोह ने आस्था और डर का सहारा लेकर 81 लाख रुपये की सनसनीखेज ठगी को अंजाम दिया है। आरोपी माथे पर त्रिपुंड, गले में रुद्राक्ष और खुद को भगवान शिव व मां काली का उपासक बताकर लोगों को झांसे में लेते थे।

मामला रायपुर थाना क्षेत्र का है, जहां नथुवावाला निवासी राजकुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि करीब डेढ़ साल पहले उसकी मुलाकात हसीन राणा से हुई थी। दोस्ती बढ़ने के दौरान हसीन को यह जानकारी मिली कि राजकुमार की Laksar (हरिद्वार) में करोड़ों की जमीन है।

इसके बाद हसीन ने अपने साथियों वसीम, जावेद (जाबिर), वाजिद और अमीर आलम के साथ मिलकर ठगी की साजिश रची। वसीम और वाजिद ने खुद को सिद्ध हिंदू पंडित बताकर राजकुमार को विश्वास में लिया और उसकी जमीन के नीचे सोने से भरे खजाने का दावा किया।

खुदाई का नाटक और तंत्र-मंत्र

आरोपियों ने कमरे में खुदाई का नाटक कर कुछ चांदी के सिक्के दिखाए और कहा कि नीचे भारी मात्रा में सोना दबा है। खजाने को “शुद्ध” करने के नाम पर 51 दुंबों की बलि, महंगे इत्र और तांत्रिक क्रियाओं का हवाला दिया गया। पहली किस्त के तौर पर 51 हजार रुपये लिए गए और बाद में लगातार रकम ऐंठी जाती रही।

जमीन भी बिकवा दी

पैसों के इंतजाम के लिए दबाव बनाकर राजकुमार की लक्सर स्थित करीब सात बीघा जमीन महज 24 लाख रुपये में बिकवा दी गई। यह पूरी रकम भी आरोपियों ने हड़प ली। साथ ही परिवार को धमकाया गया कि यदि किसी को बताया तो घर में अनहोनी हो सकती है।

पुलिस कार्रवाई

ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की। रायपुर थाना पुलिस ने हसीन राणा (सिंघनीवाला), वसीम (रुड़की), अमीर आलम (शेखपुरा कदीम, सहारनपुर), जाबिर उर्फ जावेद (सहसपुर) और वाजिद (तिमली, सहसपुर) के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। बैंक खातों और जमीन के दस्तावेजों की जांच जारी है।