नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि केंद्र सरकार नागरिकों के जीवन को सरल, पारदर्शी और तनावमुक्त बनाने के लिए सुधारों की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में यह सुधार अभियान और अधिक मजबूती व उत्साह के साथ जारी रहेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह टिप्पणी MyGov India के ‘एक्स’ हैंडल पर साझा किए गए एक विस्तृत थ्रेड के जवाब में की। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने लाखों नागरिकों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से निरंतर नीतिगत फैसले लिए हैं।
प्रधानमंत्री ने लिखा, “हमारी सरकार ‘जीवन की सुगमता’ को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। नीचे दिया गया थ्रेड इस बात का उदाहरण है कि सुधार किस तरह जमीनी स्तर पर बदलाव ला रहे हैं।”
परिणामों पर आधारित सुधार
मायगव इंडिया के अनुसार, सुधारों की असली कसौटी यह है कि क्या वे आम नागरिकों का तनाव कम करते हैं। 2025 में शासन व्यवस्था में एक स्पष्ट बदलाव देखने को मिला है, जहां जटिल प्रक्रियाओं के बजाय परिणामों पर फोकस किया गया। सरल कर कानून, तेज़ विवाद समाधान प्रणाली, आधुनिक श्रम संहिताएं और अपराधमुक्त अनुपालन ने नागरिकों व व्यवसायों – दोनों के लिए चुनौतियां कम की हैं।
12 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स से राहत
सरकार के सुधारों का सीधा लाभ अब आम करदाताओं को मिल रहा है। 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर आयकर से छूट ने मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी राहत दी है। इससे परिवार अपनी आय का बेहतर उपयोग कर पा रहे हैं—चाहे वह बचत हो, निवेश हो या उपभोग।
नया आयकर कानून, नया भारत
1961 के आयकर अधिनियम की जगह आयकर अधिनियम, 2025 ने ले ली है। इससे प्रत्यक्ष कर प्रणाली अधिक पारदर्शी, स्पष्ट और करदाता-अनुकूल बनी है। नया कानून वर्तमान आर्थिक जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया है।
छोटे व्यवसाय और MSME को मजबूती
निवेश और टर्नओवर की ऊंची सीमाओं के चलते MSME अब बिना लाभ खोने के डर के विस्तार कर सकते हैं। आसान ऋण, टैक्स छूट और सरल नियमों से स्थानीय व्यवसायों को बढ़ावा मिला है, जिससे रोज़गार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं।
श्रम कानूनों का सरलीकरण
29 श्रम कानूनों को चार श्रम संहिताओं—वेतन, औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा तथा स्वास्थ्य व कार्य शर्तों—में समाहित किया गया है। इससे अधिकार स्पष्ट हुए हैं और महिलाओं को मातृत्व लाभ व कार्यस्थल सुरक्षा का भरोसा मिला है।
GST सुधारों से व्यापार में तेजी
सरल टैक्स स्लैब, तेज़ रिफंड और स्वचालित प्रक्रियाओं से GST सुधारों की अगली पीढ़ी व्यापार सुगमता को और मजबूत कर रही है। दिवाली पर रिकॉर्ड 6.05 लाख करोड़ रुपये की बिक्री और नवरात्रि की मजबूत खरीदारी इसका प्रमाण है।



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