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post authorAdmin 29 Dec 2025

डॉ. गोविन्द चातक स्मृति आखर साहित्य सम्मान–2024 से सम्मानित हुए रंगकर्मी कुलानन्द घनशाला.

श्रीनगर गढ़वाल।
आखर ट्रस्ट द्वारा प्रख्यात साहित्यकार डॉ. गोविन्द चातक की जयंती के अवसर पर सौरभ होटल, श्रीकोट में ‘डॉ. गोविन्द चातक स्मृति व्याख्यान’ एवं ‘डॉ. गोविन्द चातक स्मृति आखर साहित्य सम्मान’ समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया।
गढ़वाली भाषा, नाट्य लेखन और रंगकर्म के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सुप्रसिद्ध रंगकर्मी कुलानन्द घनशाला को डॉ. गोविन्द चातक स्मृति आखर साहित्य सम्मान–2024 से सम्मानित किया गया।

सम्मान स्वरूप उन्हें ₹11,000 की नकद राशि, अंगवस्त्र, सम्मान-पत्र तथा विशेष आखर स्मृति-चिह्न प्रदान किया गया। यह सम्मान राशि डॉ. गोविन्द चातक जी के परिवार की ओर से भेंट की गई। उल्लेखनीय है कि आखर ट्रस्ट विगत नौ वर्षों से निरंतर इस स्मृति-आयोजन का संचालन कर रहा है।

कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्वलन, डॉ. चातक जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि के साथ हुआ। संगीत शिक्षिका हिमानी फोंदणी ने मांगल गीत प्रस्तुत किया। ट्रस्ट के संस्थापक एवं अध्यक्ष संदीप रावत ने अतिथियों का स्वागत किया।
मुख्य अतिथि नगर निगम श्रीनगर की मेयर आरती भण्डारी ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी पहलें नई पीढ़ी को लोक-साहित्य और संस्कृति से जोड़ने का कार्य करती हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एचएनबी केंद्रीय विश्वविद्यालय की कला, संचार एवं भाषा संकायाध्यक्ष प्रो. मंजुला राणा ने की। उन्होंने डॉ. चातक जी के लोक-साहित्य, भाषा और मध्य हिमालयी संस्कृति के संरक्षण में दिए गए योगदान को अतुलनीय बताया।

अति विशिष्ट अतिथि गणेश खुगशाल ‘गणी’ ने दूरस्थ गांवों से लोकगीत, जागर, पवाड़ा और चैती गीतों के संकलन में डॉ. चातक जी की भूमिका को रेखांकित किया।
विशिष्ट अतिथि प्रो. सम्पूर्ण सिंह रावत और अतिथि वक्ता डॉ. कपिल पंवार ने उनके शोध एवं नाट्य समालोचना योगदान पर प्रकाश डाला।
सम्मान ग्रहण करते हुए कुलानन्द घनशाला ने आखर ट्रस्ट का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. चातक जी का साहित्य उनके लिए निरंतर प्रेरणा का स्रोत रहा है।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. नीलम नेगी ने किया, जबकि अंत में अध्यक्ष संदीप रावत ने सभी अतिथियों, साहित्यकारों, शोधार्थियों और उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया।