ऋषिकेश में वन विभाग द्वारा किए जा रहे भूमि सर्वे के विरोध में रविवार को हालात बेकाबू हो गए। प्रदर्शनकारियों ने पहले गुमानीवाला क्षेत्र में विरोध किया और बाद में मनसा देवी फाटक तिराहे पर बाईपास मार्ग जाम कर दिया। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब कुछ प्रदर्शनकारी रेलवे ट्रैक पर बैठ गए, जिससे ऋषिकेश रेलवे स्टेशन से श्रीगंगानगर जा रही ट्रेन को गीतानगर क्षेत्र में करीब साढ़े चार घंटे तक रोके रखना पड़ा।
पुलिस के अनुसार, यह ट्रेन दोपहर 12:50 बजे से शाम 5:25 बजे तक ट्रैक पर खड़ी रही। इस दौरान शहर के आईडीपीएल सिटी गेट, कोयलघाटी चौक और डीएसबी स्कूल के सामने बाईपास रोड पर भी जाम लगाया गया, जिससे पूरे शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।
स्थिति नियंत्रित करने पहुंची पुलिस टीम पर कुछ असामाजिक तत्वों ने पथराव कर दिया। इसके बाद ऋषिकेश कोतवाली पुलिस ने भीड़ को उकसाने, हाईवे और रेलमार्ग बाधित करने तथा शांति भंग करने के आरोपों में छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही 600 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कैलाश चंद्र भट्ट ने बताया कि पुलिस वीडियो फुटेज और तस्वीरों के माध्यम से पथराव में शामिल अज्ञात आरोपियों की पहचान कर रही है। आम जनता से भी इनकी पहचान में सहयोग की अपील की गई है।
गिरफ्तार किए गए नामजद आरोपी:
जहांगीर आलम (20) – गुमानीवाला
गंगा प्रसाद सिमल्टी (80) – रूषाफार्म, गुमानीवाला
सुदेश भट्ट (47) – खदरी खड़कमाफ
संदीप भंडारी (29) – मुनि की रेती
योगेश डिमरी (45) – आवास विकास कॉलोनी, ऋषिकेश
सीताराम रणाकोटी (45) – श्यामपुर
इसी बीच सोशल मीडिया पर स्थानीय निवासी लक्ष्मी प्रसाद भट्ट का मुख्यमंत्री के नाम खुला पत्र वायरल हो रहा है, जिसमें वन विभाग के सर्वे पर रोक लगाने और वर्षों से बसे परिवारों के लिए न्यायोचित नीति बनाने की मांग की गई है।



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