साल 2025 अब विदा ले रहा है। लेकिन जाते-जाते यह साल रिश्तों की ऐसी कहानियाँ छोड़ गया, जिन्हें भूल पाना आसान नहीं। यह साल प्यार की नहीं, बल्कि शक, अविश्वास और क्रूर अपराधों की कहानी बनकर सामने आया।
पति-पत्नी जैसे पवित्र रिश्ते में 2025 ने वह चेहरे दिखाए, जिन्होंने समाज को झकझोर कर रख दिया। भरोसा, जो कभी रिश्तों की नींव होता था, कहीं नीले ड्रम, कहीं मिक्सी-ग्राइंडर, तो कहीं बिजली के करंट में तब्दील हो गया।
मेरठ का नीला ड्रम कांड
मेरठ में सामने आया मुस्कान केस पूरे देश में चर्चा का विषय बना। आरोप है कि मुस्कान ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की और शव को नीले ड्रम में सीमेंट से भर दिया। यह मामला रिश्तों में अंधे भरोसे के खतरों की सबसे डरावनी मिसाल बन गया।
हनीमून मर्डर केस
शादी की रस्में, हंसती तस्वीरें और फिर हनीमून पर पति की हत्या—सोनम रघुवंशी केस ने यह दिखाया कि अपराध कितनी योजनाबद्ध ठंडे दिमाग से किए जा सकते हैं।
मिक्सी-ग्राइंडर मर्डर
संभल की रूबी ने जिस बर्बरता से पति की हत्या की, उसने पुलिस तक को स्तब्ध कर दिया। शव के टुकड़े कर ग्राइंडर में पीसना और सबूत मिटाना, यह मामला अपराध की क्रूरतम श्रेणियों में गिना गया।
नींद की गोलियां और करंट केस
सुष्मिता केस में सोशल मीडिया चैट्स ने हत्या की लाइव योजना को उजागर किया। पति को मारते समय आरोपी पत्नी अपने प्रेमी से सलाह ले रही थी—यह डिजिटल युग का सबसे डरावना सच बनकर सामने आया।
पूर्व DGP हत्या मामला
कर्नाटक में पूर्व डीजीपी की हत्या ने यह दिखाया कि जब नफरत रिश्तों पर हावी हो जाए, तो कानून और ओहदे भी बेबस हो जाते हैं।
सिरकटी लाश कांड
बिहार के बांका जिले में सामने आए इस मामले ने ग्रामीण समाज में छिपे अपराधों की भयावह तस्वीर पेश की।
2025 का यही कड़वा सच है—जहां प्यार नहीं मरा, भरोसा मारा गया।



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