भारतीय रेलवे के इतिहास में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन ने सभी तकनीकी परीक्षण, सुरक्षा जांच और प्रमाणीकरण प्रक्रियाओं को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को इसकी आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि गुवाहाटी-कोलकाता मार्ग को वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के पहले रूट के रूप में चुना गया है।
रेल मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शीघ्र ही देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। उन्होंने बताया कि वंदे भारत चेयर कार ट्रेनों को देशभर में अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिली है और अब लंबी दूरी की यात्राओं के लिए स्लीपर संस्करण की लंबे समय से मांग थी।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को विशेष रूप से 1,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह यात्रियों को तेज़ गति, उच्च स्तर की सुरक्षा और विश्व-स्तरीय आराम प्रदान करेगी। ट्रेन में बेहतर सस्पेंशन सिस्टम, उन्नत ब्रेकिंग तकनीक और आधुनिक स्लीपर कोच लगाए गए हैं, जिससे रातभर की यात्रा अधिक आरामदायक हो सके।
किराए को लेकर भी सरकार ने आम यात्रियों को बड़ी राहत दी है। गुवाहाटी-हावड़ा मार्ग पर जहां हवाई किराया सामान्यतः 6,000 से 10,000 रुपये तक पहुंच जाता है, वहीं वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में 3एसी का किराया लगभग 2,300 रुपये, 2एसी लगभग 3,000 रुपये और फर्स्ट एसी का किराया लगभग 3,600 रुपये प्रस्तावित किया गया है।
रेल मंत्री के अनुसार, इस वर्ष के अंत तक लगभग 12 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें तैयार होकर रेल नेटवर्क में शामिल हो जाएंगी और अगले वर्ष इनका विस्तार और तेज़ी से किया जाएगा।
भारतीय रेलवे ने रेल सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) की निगरानी में कोटा-नागदा खंड पर अंतिम हाई-स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया। परीक्षण के दौरान ट्रेन ने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति हासिल की। सवारी की स्थिरता, कंपन, ब्रेकिंग सिस्टम, आपातकालीन सुरक्षा और अन्य सभी तकनीकी मानकों पर ट्रेन का प्रदर्शन पूरी तरह संतोषजनक पाया गया।
परीक्षण के दौरान पानी से भरे गिलासों का प्रयोग कर सवारी गुणवत्ता का प्रदर्शन किया गया, जिसमें तेज़ गति पर भी पानी छलका नहीं। यह ट्रेन की उन्नत तकनीक और मजबूती को दर्शाता है।
16 कोच वाली यह वंदे भारत स्लीपर ट्रेन आधुनिक सुविधाओं से लैस है, जिनमें आरामदायक स्लीपर बर्थ, स्वचालित दरवाजे, आधुनिक शौचालय, सीसीटीवी निगरानी, डिजिटल यात्री सूचना प्रणाली और ऊर्जा-कुशल तकनीकें शामिल हैं। ट्रेन में कवच सुरक्षा प्रणाली, अग्नि सुरक्षा उपकरण और दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।



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