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post authorAdmin 02 Jan 2026

आतंक और पानी साथ नहीं चल सकते: ‘खराब पड़ोसियों’ को जयशंकर का दो-टूक संदेश.

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत की पड़ोस नीति पर स्पष्ट और सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि जो देश आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं, वे भारत से पानी साझा करने की अपेक्षा नहीं कर सकते।

आईआईटी मद्रास में छात्रों से संवाद के दौरान जयशंकर ने कहा कि भारत को अपने नागरिकों की सुरक्षा का पूरा अधिकार है और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए भारत हर आवश्यक कदम उठाएगा। उन्होंने बिना किसी देश का नाम लिए ‘अच्छे’ और ‘खराब’ पड़ोसियों के बीच अंतर को स्पष्ट किया।

जयशंकर ने कहा कि भारत की आर्थिक और रणनीतिक वृद्धि पूरे क्षेत्र के लिए लाभकारी है और अधिकांश पड़ोसी देश इसे समझते भी हैं। लेकिन जो देश आतंकवाद को नीति का हिस्सा बनाए रखते हैं, उनके साथ समान व्यवहार संभव नहीं है।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “आप एक तरफ हमसे पानी साझा करने की बात करें और दूसरी तरफ हमारे देश में आतंक फैलाएं—यह स्वीकार्य नहीं हो सकता।”

संचार से दूर होती है गलतफहमी

विदेश मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि और मंशा को लेकर किसी भी भ्रम से बचने के लिए स्पष्ट, ईमानदार और निरंतर संवाद बेहद जरूरी है। जब कोई देश अपनी नीति और सोच को खुलकर रखता है, तो दुनिया उसे सम्मान के साथ स्वीकार करती है।

सभ्यता, लोकतंत्र और भारत की वैश्विक भूमिका

जयशंकर ने कहा कि भारत दुनिया की उन गिनी-चुनी प्राचीन सभ्यताओं में शामिल है, जो आज भी आधुनिक राष्ट्र के रूप में जीवित हैं। भारत द्वारा लोकतांत्रिक व्यवस्था अपनाने से लोकतंत्र को वैश्विक अवधारणा के रूप में मजबूती मिली है। उन्होंने पश्चिमी देशों के साथ भारत की साझेदारी को वैश्विक संतुलन के लिए अहम बताया।

अच्छे पड़ोसियों के साथ सहयोग का उदाहरण

पड़ोस नीति पर बात करते हुए जयशंकर ने कहा कि भारत अच्छे पड़ोसियों के साथ निवेश करता है, सहायता करता है और संसाधन साझा करता है।
उन्होंने कोविड-19 के दौरान वैक्सीन आपूर्ति, यूक्रेन संकट में ईंधन व खाद्य सहायता और श्रीलंका के आर्थिक संकट में दिए गए USD 4 अरब डॉलर के सहयोग का उल्लेख किया।
इसके साथ ही उन्होंने बांग्लादेश यात्रा के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में भारत के प्रतिनिधित्व का भी जिक्र किया।

आईआईटी मद्रास की वैश्विक पहल

इस अवसर पर जयशंकर ने Indian Institute of Technology Madras की IITM Global Research Foundation पहल का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य शिक्षा, शोध, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में वैश्विक नेटवर्क तैयार करना है।