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post authorAdmin 03 Jan 2026

उत्तराखंड में बयान से सियासी तूफान: गिरधारी लाल साहू के विवादित बयान पर सीएम धामी तक पहुंचा मामला, बिहार महिला आयोग सख्त.

देहरादून। उत्तराखंड सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू द्वारा बिहार की महिलाओं को लेकर दिए गए बयान ने प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। मामला अब केवल उत्तराखंड तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि बिहार और राष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।

जानकारी के अनुसार, 23 दिसंबर को अल्मोड़ा में आयोजित एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान गिरधारी लाल साहू ने बिहार की महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस बयान का वीडियो सामने आते ही राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम जनता ने कड़ी नाराज़गी जताई।

विवाद बढ़ने के बाद गिरधारी लाल साहू ने एक वीडियो संदेश जारी कर सफाई देते हुए माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनके बयान को संदर्भ से अलग कर प्रस्तुत किया गया है और उनका उद्देश्य किसी वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। हालांकि, माफी के बावजूद विवाद शांत नहीं हुआ।

इस बीच, उत्तराखंड कांग्रेस ने सरकार को घेरते हुए मंत्री रेखा आर्या के आवास पर प्रदर्शन किया। हालांकि, उस समय मंत्री और उनके पति राज्य से बाहर बताए गए। अब तक मंत्री रेखा आर्या की ओर से इस विषय पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर कड़ी आपत्ति जताई है। आयोग ने कहा कि इस बयान से बिहार की महिलाओं की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है और दोषी व्यक्ति के खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।

वहीं, भाजपा की ओर से प्रदेश प्रवक्ता मनवीर सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि गिरधारी लाल साहू पार्टी के सदस्य नहीं हैं और भाजपा इस तरह की भाषा की कड़ी निंदा करती है। उन्होंने कहा कि मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में है और संवैधानिक प्रावधानों के तहत निर्णय लिया जाएगा।