kotha
post authorAdmin 03 Jan 2026

पीएम मोदी ने सावित्रीबाई फुले को श्रद्धांजलि दी, कहा— शिक्षा और सेवा से समाज परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त किया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को महान समाज सुधारक और आधुनिक भारत की पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने शिक्षा और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में उनके ऐतिहासिक योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि सावित्रीबाई फुले ने अपना संपूर्ण जीवन समाज को बदलने के लिए समर्पित कर दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच X पर पोस्ट करते हुए कहा कि सावित्रीबाई फुले समानता, न्याय और करुणा के मूल्यों की सशक्त प्रतीक थीं। उनका विश्वास था कि शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावशाली माध्यम है, और इसी सोच के साथ उन्होंने वंचित वर्गों के उत्थान के लिए अथक प्रयास किए।

1831 में जन्मी सावित्रीबाई फुले का विवाह कम आयु में महान समाज सुधारक ज्योतिराव फुले से हुआ। अपने पति के साथ मिलकर उन्होंने महाराष्ट्र में महिला शिक्षा और अधिकारों की नींव रखी तथा सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध संघर्ष किया। उनका योगदान आज भी देश के सामाजिक सुधार आंदोलनों को दिशा देता है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी सावित्रीबाई फुले को राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा बताते हुए कहा कि उन्होंने महिला शिक्षा को मौलिक अधिकार से जोड़कर महिला सशक्तिकरण को नई दिशा दी। उन्होंने देश के पहले बालिका विद्यालय की स्थापना कर समाज को सुधार के पथ पर अग्रसर किया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सावित्रीबाई फुले को सामाजिक परिवर्तन और मानवीय गरिमा का प्रतीक बताया। वहीं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उन्हें महिलाओं की शक्ति और सामाजिक सुधार की अग्रदूत बताते हुए कहा कि उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।