मामला गुमानीवाला इलाके का है, जहां रहने वाले एक अधिवक्ता को मकान खरीदने के नाम पर साइबर ठगों ने अपने जाल में फंसा लिया। हैरानी की बात यह है कि मकान की पूरी डील फोन और व्हाट्सएप के माध्यम से की गई।
पीड़ित अधिवक्ता के अनुसार, 24 अप्रैल 2025 को उन्होंने गुमानीवाला स्थित पदमा निवास के बाहर मकान बिक्री से संबंधित एक विज्ञापन देखा। विज्ञापन में दिए गए फोन नंबर पर संपर्क करने पर सामने वाले व्यक्ति ने खुद को मकान मालिक बताया और कहा कि वह अपने परिवार के साथ ऑस्ट्रेलिया में रह रहा है।
आरोपी ने व्हाट्सएप कॉल और मैसेज के जरिए बातचीत करते हुए मकान की कीमत 95 लाख रुपये तय की। आरोपी के बताए गए बैंक खाते में पीड़ित ने अग्रिम राशि के रूप में 20 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। शेष 75 लाख रुपये रजिस्ट्री के समय, 15 अक्टूबर को देने की बात तय हुई।
लेकिन तय तारीख पर न तो आरोपी रजिस्ट्री कराने पहुंचा और न ही उसका फोन लगा। इसके बाद पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। अधिवक्ता की शिकायत पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
फिलहाल साइबर पुलिस यह जांच कर रही है कि जिस फोन नंबर से संपर्क किया गया था, वह असली मकान मालिक का था या किसी साइबर ठग का।



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