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post authorAdmin 06 Jan 2026

‘शब्दोत्सव’ के पंचम सत्र ‘धर्मरक्षक धामी’ में बोले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी – देवभूमि की पहचान और विधिसम्मत शासन सर्वोच्च प्राथमिकता.

नई दिल्ली स्थित मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में आयोजित ‘शब्दोत्सव’ कार्यक्रम के पंचम सत्र ‘धर्मरक्षक धामी’ में उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक अस्मिता, सामाजिक समरसता और विधिसम्मत शासन को लेकर राज्य सरकार की नीतियों और निर्णयों को विस्तार से रखा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड की मूल पहचान की रक्षा करना राज्य सरकार का सर्वोच्च दायित्व है। उन्होंने बताया कि सरकारी भूमि पर योजनाबद्ध तरीके से किए गए अवैध कब्जों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की गई है और अब तक 10,000 एकड़ से अधिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है।

शिक्षा व्यवस्था पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 01 जुलाई 2026 के बाद केवल वही मदरसे संचालित होंगे, जो राज्य शिक्षा बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम का पालन करेंगे। नियमों के उल्लंघन के कारण अब तक 250 से अधिक मदरसे बंद किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह निर्णय किसी वर्ग विशेष के विरुद्ध नहीं, बल्कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रक्रिया केवल मतदाता सूची तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन भी जुड़ा है। आयुष्मान योजना में अपेक्षा से अधिक व्यय सामने आने का उल्लेख करते हुए उन्होंने सत्यापन को आवश्यक बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राशन कार्ड, आधार और वोटर कार्ड का सत्यापन किसी को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

‘धर्मरक्षक धामी’ विषय पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब तक 600 से अधिक अवैध ढांचों को विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत हटाया गया है। देवभूमि के मूल स्वरूप की रक्षा करना उनका व्यक्तिगत संकल्प है।

आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि संगठन और सरकार पूरी तरह सक्रिय हैं और नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, दंगा विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून और मदरसा बोर्ड के स्थान पर नया अधिनियम लागू किया जाना राज्य की बड़ी उपलब्धियां हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि नीति आयोग के SDG इंडेक्स में उत्तराखण्ड देश में प्रथम स्थान पर है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में राज्य ‘अचीवर्स’ श्रेणी में रहा है। पर्यटन के क्षेत्र में उत्तराखण्ड को बेस्ट वाइल्डलाइफ और बेस्ट एडवेंचर डेस्टिनेशन के राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।

उन्होंने मानसखण्ड और केदारखण्ड क्षेत्रों में तीर्थस्थलों के समग्र विकास, चारधाम ऑल वेदर रोड, बदरीनाथ मास्टर प्लान और दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड परियोजना की प्रगति की भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सही नीयत और पारदर्शी शासन से अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना ही सरकार का लक्ष्य है।