ऋषिकेश नगर निगम क्षेत्र में निराश्रित पशु लगातार सड़क दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद नगर निगम अब तक इनके लिए कोई स्थायी और ठोस व्यवस्था नहीं कर पाया है। खासतौर पर रात के समय सड़कों पर घूम रहे पशुओं के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि निराश्रित पशुओं के गले में रिफ्लेक्टर या रेडियम पट्टे लगाए जाने जैसी सरल वैकल्पिक व्यवस्था भी अब तक लागू नहीं की गई है। इससे रात में पशु दूर से दिखाई नहीं देते और वाहन चालकों को समय पर सतर्कता नहीं मिल पाती।
नगर निगम के पास आवारा पशुओं को गोशालाओं में स्थानांतरित करने की कोई त्वरित कार्ययोजना नहीं है। अलग-अलग मोहल्लों और गलियों में घूम रहे पशुओं को एक स्थान पर रोकने या नियंत्रित करने की योजना भी फिलहाल स्पष्ट नहीं है।
नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल ने बताया कि रायवाला में गोशाला निर्माण के लिए डीपीआर बनाकर शासन को भेजी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में निराश्रित पशुओं की संख्या बढ़ती है तो उन्हें हरिद्वार स्थित गोशालाओं में भेजा जाएगा। साथ ही दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पशुओं के गले में रिफ्लेक्टर पट्टा लगाने पर भी विचार किया जा रहा है।



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