लोकसभा ने गुरुवार को विपक्ष के विरोध और हंगामे के बीच ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक, 2025’ को ध्वनिमत से पारित कर दिया। विधेयक पर चर्चा के दौरान ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।
मंत्री ने मनरेगा की जगह नया विधेयक लाने और महात्मा गांधी का नाम हटाने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह कानून गांधी के आदर्शों को ज़मीन पर उतारने की दिशा में एक कदम है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का लक्ष्य विकसित गांवों की बुनियाद पर विकसित भारत बनाना है।
इससे पहले बुधवार देर रात तक विधेयक पर चर्चा हुई थी। विपक्षी दलों ने इसे विभाग संबंधी संसदीय स्थायी समिति को भेजने की मांग की, जिसे आसन ने अस्वीकार कर दिया। इसके बाद नारेबाज़ी और हंगामे के बीच मंत्री ने अपना जवाब पूरा किया और सदन ने संशोधनों को खारिज करते हुए विधेयक पारित कर दिया। इस दौरान कुछ विपक्षी सदस्यों ने आसन के समीप हंगामा भी किया।
मनरेगा और नए विधेयक पर सरकार का पक्ष
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ग्रामीण रोजगार योजनाओं में समय-समय पर बदलाव होते रहे हैं। यदि किसी योजना से अपेक्षित लक्ष्य पूरे नहीं होते, तो नई व्यवस्था लाई जाती है। उन्होंने दावा किया कि मनरेगा को कांग्रेस सरकार ने प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया, जबकि मोदी सरकार ने इसे मजबूती से क्रियान्वित किया।
मंत्री ने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि कांग्रेस शासन में जहां 1660 करोड़ श्रम-दिवस सृजित हुए, वहीं मोदी सरकार में यह संख्या बढ़कर 3210 करोड़ श्रम-दिवस हो गई। महिलाओं की भागीदारी भी 48 प्रतिशत से बढ़कर 56.73 प्रतिशत तक पहुंची।
भ्रष्टाचार और बजट को लेकर आरोप-प्रत्यारोप
चौहान ने आरोप लगाया कि मनरेगा में व्यापक भ्रष्टाचार हुआ और मजदूरी व सामग्री मद में असंतुलन रहा। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और धनराशि का उपयोग सीधे ग्रामीण विकास में करना है।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार के समय योजना का बजट घटाया गया, जबकि मोदी सरकार ने इसमें रिकॉर्ड बढ़ोतरी की है। मौजूदा बजट में 1.51 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है।
‘आदर्श गांव’ की परिकल्पना
मंत्री ने कहा कि नए विधेयक के तहत ऐसे गांवों की कल्पना की गई है जहां रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पेयजल, सड़क और प्रकाश जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित हों। इसके साथ ही अनुसूचित जाति, जनजाति, ओबीसी और दिव्यांगों के लिए विशेष प्रावधान किए जाएंगे।



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