देश के कई शहरों में बढ़ता वायु प्रदूषण अब सिर्फ सांस की समस्या नहीं, बल्कि नाक और साइनस की गंभीर बीमारियों की वजह बनता जा रहा है। खासतौर पर देहरादून में हालात चिंताजनक हैं, जहां प्रदूषण के साथ घातक बैक्टीरिया युवाओं को तेजी से चपेट में ले रहे हैं।
नाक बंद होना, साइनस में सूजन, चेहरे पर भारीपन और लगातार बलगम जमने जैसे लक्षण आम हो गए हैं। दून मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग में हुए हालिया शोध में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस बीमारी से पीड़ित 23 प्रतिशत युवाओं को सर्जरी करानी पड़ी।
शोध के अनुसार, 18 से 30 वर्ष के युवा सबसे अधिक प्रभावित पाए गए हैं। जांच में कई मरीजों की नाक में खतरनाक बैक्टीरिया पाए गए, जो क्रॉनिक राइनो साइनोसाइटिस जैसी गंभीर बीमारी का कारण बन रहे हैं।



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