राष्ट्रपति की मंजूरी के साथ विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB-G RAM G विधेयक, 2025 अब विधिवत कानून बन गया है। इस नए कानून के तहत ग्रामीण परिवारों को मिलने वाली वैधानिक मजदूरी आधारित रोजगार गारंटी को बढ़ाकर एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 125 दिन कर दिया गया है।
संसद से पारित होने के बाद राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलते ही यह कानून प्रभावी हो गया। सरकार का कहना है कि यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में आय सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करेगी। मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक या कार्य पूर्ण होने के 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा।
यह कानून मौजूदा MGNREGA का स्थान लेगा। सरकार इसे विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम बता रही है। वहीं विपक्ष ने नाम परिवर्तन को लेकर आपत्ति जताई थी। बहस के दौरान कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने सरकार पर तीखा हमला किया। तमाम विरोध के बावजूद यह विधेयक ध्वनि मत से पारित कर दिया गया।



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