महाराष्ट्र की राजनीति में नगर निकाय चुनावों से पहले एक बड़ा और निर्णायक मोड़ सामने आया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के बीच औपचारिक गठबंधन की घोषणा कर दी गई है। इस ऐतिहासिक घोषणा के दौरान मनसे प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे एक साथ मंच पर मौजूद रहे।
मुंबई में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में उद्धव ठाकरे ने कहा, “हम सिर्फ चुनाव लड़ने के लिए नहीं, बल्कि लंबे समय तक साथ रहने के लिए एकजुट हुए हैं।” उनके इस बयान को गठबंधन की दीर्घकालिक राजनीतिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उद्धव ठाकरे ने बिना नाम लिए भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग भाजपा के भीतर हो रही गतिविधियों से असहज महसूस कर रहे हैं, वे भी इस गठबंधन के साथ आ सकते हैं। इसे सत्ताधारी दल के भीतर संभावित असंतोष के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
वहीं राज ठाकरे ने स्पष्ट किया कि नगर निगम और अन्य शहरी निकाय चुनावों को ध्यान में रखते हुए दोनों दलों ने साथ आने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही सीट बंटवारे और साझा चुनावी रणनीति को लेकर औपचारिक घोषणा की जाएगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह गठबंधन मराठी वोट बैंक को एकजुट करने में अहम भूमिका निभा सकता है और इसका प्रभाव मुंबई, ठाणे, पुणे समेत कई प्रमुख नगर निकायों में देखने को मिल सकता है।



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