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post authorAdmin 15 Jan 2026

ऋषिकेश: बापूग्राम का मुद्दा संसद तक पहुंचा, राहुल गांधी से हस्तक्षेप की मांग.

ऋषिकेश के बापूग्राम, पशुलोक और शिवाजी नगर में रह रहे करीब एक लाख लोगों की चिंता अब राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गई है। नगर निगम पार्षद अभिनव सिंह मलिक ने वन विभाग की कार्रवाई के खिलाफ लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को ज्ञापन भेजकर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।

ज्ञापन में बताया गया है कि सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेशों के बाद इन इलाकों में रह रहे लोगों में बेदखली का डर व्याप्त है। पार्षद ने इसे केवल भूमि विवाद नहीं, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले “जीवन के अधिकार” और महात्मा गांधी की ऐतिहासिक विरासत से जुड़ा मुद्दा बताया है।

पार्षद मलिक ने अपने ज्ञापन में ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए बताया कि वर्ष 1946-47 में तत्कालीन संयुक्त प्रांत सरकार ने महात्मा गांधी की निकट सहयोगी मीरा बेन (मैडलिन स्लेड) को ऋषिकेश के वीरभद्र ब्लॉक में लगभग 1,000 हेक्टेयर वन भूमि आवंटित की थी। इस भूमि का उद्देश्य पशुलोक आश्रम की स्थापना के साथ-साथ स्वतंत्रता सेनानियों, शरणार्थियों और भूमिहीन गरीबों का पुनर्वास था।

इतिहास में दर्ज है कि स्वयं महात्मा गांधी ने 16 जनवरी 1948 को पत्र लिखकर इस क्षेत्र का नाम “पशुलोक” रखने का सुझाव दिया था। बीते 60-70 वर्षों से यहां रहने वाले लोगों को सरकार द्वारा बिजली, पानी, सड़क, स्कूल, अस्पताल, राशन कार्ड और मतदाता पहचान पत्र जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं दी गईं।

अब इन्हीं नागरिकों को वन कानूनों के तहत अतिक्रमणकारी बताए जाने पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पार्षद ने राहुल गांधी से अपील की है कि वे आगामी संसद सत्र में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएं और केंद्र सरकार पर दबाव बनाकर संसद एवं राज्य विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग करें, ताकि इन पुराने बसे क्षेत्रों को वन कानूनों से बाहर कर राजस्व ग्राम घोषित किया जा सके।