उत्तराखंड के मसूरी में एक निजी स्कूल परिसर में बनी मजार को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। टिहरी बाइपास रोड स्थित वाइनबर्ग एलेन स्कूल में मौजूद बाबा बुल्ले शाह की मजार और आसपास बनी अन्य मजारों को लेकर शुक्रवार को उस वक्त तनाव फैल गया, जब बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पहले यहां केवल एक मजार थी, लेकिन धीरे-धीरे मजारों की संख्या बढ़ाई जा रही है, जिसे वे एक सुनियोजित साजिश बता रहे हैं। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाया कि यदि स्कूल प्रबंधन मजार के लिए भूमि उपलब्ध करा सकता है, तो फिर किसी मंदिर के निर्माण की अनुमति क्यों नहीं दी जा सकती।
हंगामे की सूचना मिलते ही मसूरी प्रशासन और पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया। प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने मजार हटाने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि प्रशासन कार्रवाई नहीं करता, तो संगठन स्वयं कदम उठाएगा।
हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मजार किसी भी सरकारी या वन विभाग की भूमि पर नहीं है। नगर पालिका अधीक्षक अनिरुद्ध चौधरी ने बताया कि यह मजार करीब 50 वर्षों से निजी संपत्ति पर स्थापित है और संबंधित भूमि वाइनबर्ग एलेन स्कूल की ही है। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन की बोर्ड बैठकों में इस विषय पर चर्चा होती रही है।
अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि किसी भी संगठन या व्यक्ति को कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। किसी भी तरह की अवैध कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने पूरे मामले की रिपोर्ट शासन को भेजने की बात कही है।
फिलहाल, इलाके में तनाव बना हुआ है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।



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