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post authorAdmin 19 Jan 2026

RSS प्रमुख मोहन भागवत का संदेश: “धर्म के मार्ग पर चलने वाला भारत ही विश्वगुरु बनेगा”.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जब तक भारत धर्म के मार्ग पर चलता रहेगा, तब तक वह विश्वगुरु बना रहेगा
मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत को अपने पूर्वजों से जो आध्यात्मिक विरासत मिली है, वही आज भी राष्ट्र और समाज को दिशा दे रही है।

भागवत ने कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे ब्रह्मांड को संचालित करने वाला मूल सिद्धांत है। प्रकृति का हर तत्व अपने धर्म से बंधा हुआ है — पानी का धर्म बहना है, अग्नि का धर्म जलाना है और उसी प्रकार मनुष्य का धर्म है नैतिक कर्तव्य निभाना

RSS प्रमुख ने कहा कि भारत के पास ऐसा आध्यात्मिक ज्ञान है, जो दुनिया के कई हिस्सों में नहीं मिलता। उन्होंने बताया कि जहां सत्य और आत्मचिंतन का अभाव होता है, वहां समाज दिशाहीन हो जाता है। सत्य के मार्ग पर निरंतर चलने वाले लोग ही ऋषि कहलाते हैं और समाज का कर्तव्य है कि ऐसे मार्गदर्शकों की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

सेवा कार्यों में लगे स्वयंसेवकों से अपील करते हुए भागवत ने कहा कि “मैं” की भावना छोड़कर “हम” की सोच अपनानी होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अच्छे कार्यों में बाधाएं आएंगी, लेकिन परिणाम की चिंता किए बिना नीयत के साथ कर्म करते रहना ही सच्चा धर्म है।