भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने अपने पहले सार्वजनिक संबोधन में संगठनात्मक राजनीति की परिभाषा स्पष्ट करते हुए कहा कि भाजपा में राजनीति किसी पद या प्रतिष्ठा का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र और समाज के प्रति उत्तरदायित्व है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और कार्यशैली का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता की भावनाओं से जुड़ने वाला व्यक्ति ही वास्तव में बड़ा बनता है। कार्यकर्ता के रूप में प्रधानमंत्री मोदी को देशसेवा में समर्पित देखकर उन्होंने यह सीखा कि नेतृत्व का मूल मंत्र संवेदनशीलता और संवाद है।
नितिन नबीन ने गुजरात के आणंद में सद्भावना मिशन कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुए एक अनुभव को साझा किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में आए प्रत्येक व्यक्ति की बात को ध्यानपूर्वक सुना और बाद में भावुक होकर समझाया कि लोग इतनी दूर से क्यों आए थे। उसी क्षण यह स्पष्ट हो गया कि जनता से भावनात्मक जुड़ाव ही महान नेतृत्व की पहचान है।
भाजपा — विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी
नबीन ने कहा कि आज यदि भारतीय जनता पार्टी विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी है, तो इसके पीछे प्रेरणादायी नेतृत्व, सशक्त विचारधारा और समर्पित कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत है। उन्होंने कार्यकर्ताओं की भूमिका को राष्ट्रध्वज की गरिमा और भारत की अस्मिता से जोड़ते हुए कहा कि भाजपा का कार्यकर्ता हर परिस्थिति में राष्ट्र का मान बनाए रखता है।
विपक्ष पर प्रहार
अपने संबोधन में नितिन नबीन ने कुछ विपक्षी दलों पर धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं को बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने तमिलनाडु में कार्तिगै दीपम पर्व, सोमनाथ गौरव पर्व और राम सेतु जैसे विषयों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं के विरोध की राजनीति को देश स्वीकार नहीं करेगा।
पांच राज्यों के चुनाव पर रणनीति
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि आगामी महीनों में तमिलनाडु, असम, पश्चिम बंगाल, केरल और पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन उन्हें पूरा विश्वास है कि कार्यकर्ताओं की मेहनत और संगठन की ताकत के बल पर पार्टी इन राज्यों में उल्लेखनीय सफलता हासिल करेगी।
राजनीतिक सफर
1980 में जन्मे नितिन नबीन ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा लेकर राजनीति की शुरुआत की। 2006 में पटना पश्चिम से विधायक चुने जाने के बाद उन्होंने बिहार सरकार में मंत्री रहते हुए पथ निर्माण और नगर विकास विभाग में महत्वपूर्ण सुधार किए। आज उनका यह सफर भाजपा के संगठनात्मक विश्वास और निरंतर संघर्ष का प्रतीक माना जा रहा है।



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