उत्तराखंड के टिहरी जिले के जौनपुर विकासखंड क्षेत्र में सामाजिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। क्षेत्र के 35 गांवों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि अब शादियों और अन्य सामाजिक समारोहों में अंग्रेजी शराब और बीयर नहीं परोसी जाएगी। इस फैसले का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा।
यह निर्णय बंगशील गांव में आयोजित एक संयुक्त बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता जिला पंचायत सदस्य सबिता देवी ने की। बैठक में अपर पालिगाड क्षेत्र के दर्जनों गांवों के ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। ग्रामीणों ने समारोहों में बढ़ते शराब और बीयर के प्रचलन को समाज के लिए घातक बताते हुए इसके दुष्परिणामों पर चिंता जताई।
ग्रामीणों का कहना है कि इन कुप्रथाओं से जहां सामाजिक विकृति बढ़ रही है, वहीं अमीर-गरीब के बीच खाई भी गहरी हो रही है। विशेष रूप से गरीब परिवारों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इसी क्रम में यह भी निर्णय लिया गया कि अंत्येष्टि संस्कारों में किसी गांव की ओर से केवल एक सामूहिक वाहन जाएगा, जिससे शोकाकुल परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव न पड़े।
बैठक में शादियों में महिलाओं द्वारा अत्यधिक आभूषण पहनने की प्रवृत्ति को भी समाज के लिए नुकसानदेह बताया गया। तय किया गया कि अब सीमित और सादगीपूर्ण आभूषणों को ही प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा दूल्हे को दी जाने वाली मालाओं, मामा पक्ष पर पड़ने वाले खर्च, ‘दुनोज’ प्रथा, जन्मदिन पार्टियों और अन्य अनावश्यक खर्चों को सीमित करने का फैसला भी लिया गया।
साथ ही यह भी तय हुआ कि किसी भी समारोह में देर रात तक डीजे नहीं बजेगा और डीजे पर केवल स्थानीय संस्कृति से जुड़े गीत ही बजाए जाएंगे। बैठक में स्पष्ट किया गया कि जो व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करेगा, उसका और उसके परिवार का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा।



Admin






