साइबर क्राइम के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का एक खौफनाक चेहरा म्यांमार के कुख्यात केके पार्क (KK Park) से सामने आया है। उत्तराखंड के कई युवा इस साइबर गुलामी के जाल में फंस चुके हैं, जहां उन्हें बंधक बनाकर 18-18 घंटे ऑनलाइन ठगी कराई जाती है।
चमोली निवासी पीड़ित युवक सौरव परिहार ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि नौकरी के सिलसिले में वह देहरादून आया था। यहां स्थानीय एजेंट ने होटल जॉब का झांसा देकर पहले दिल्ली और फिर थाईलैंड भेजा। लेकिन थाईलैंड पहुंचने पर न तो नौकरी मिली और न ही कोई मदद।
परेशानी में सौरव ने 26 सितंबर 2025 को अपने परिचित नितिन रमोला से संपर्क किया। इसी मजबूरी का फायदा उठाकर नितिन ने केके पार्क में नौकरी लगवाने का झांसा दिया और गुलाम नाम के एजेंट से संपर्क करवाया। ऑनलाइन इंटरव्यू के बाद अगले ही दिन सौरव और उसके दोस्त को कई गाड़ियों में बदल-बदलकर जंगल और नदी के रास्ते अवैध रूप से म्यांमार भेज दिया गया।
थाईलैंड-म्यांमार सीमा पर नदी पार कराकर कथित तौर पर आर्मी वाहन में बैठाकर उन्हें केके पार्क पहुंचाया गया। वहां उन्हें दिन-रात साइबर ठगी के काम में झोंक दिया गया। सिर्फ चार घंटे की नींद, सीमित भोजन और नाममात्र की सैलरी दी जाती थी।
इस पूरे मामले में देहरादून, दिल्ली और थाईलैंड तक फैले एजेंट नेटवर्क की भूमिका सामने आई है। पीड़ित ने देहरादून एसटीएफ में शिकायत दर्ज कराई है। एसटीएफ का कहना है कि शिकायत की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।



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