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post authorAdmin 29 Jan 2026

चंद्रभागा नदी प्रदूषण पर प्रशासन सख्त, डीएम देहरादून ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट.

देहरादून। चंद्रभागा नदी में लगातार मिल रहे गंदे पानी को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी देहरादून ने चंद्रेश्वर क्षेत्र में स्थित 7.50 एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का स्थलीय निरीक्षण किया और नदी में प्रदूषण की स्थिति पर गहरी चिंता जताई।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एसडीएम ऋषिकेश और नगर आयुक्त को निर्देश दिए कि चंद्रभागा नदी में गिर रहे नालों और सीवरेज व्यवस्था को लेकर एक समग्र व तथ्यपरक रिपोर्ट तैयार की जाए। यह रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

दोपहर लगभग 12 बजे चंद्रेश्वर नगर पहुंचे जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग, जल संस्थान, जल निगम, नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गंगा में मिलने वाला हर जल स्वच्छ और मानकों के अनुरूप होना चाहिए
इस दौरान जल निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर एसके वर्मा ने बताया कि ऋषिकेश क्षेत्र में चार सीवरेज पैकेज प्रस्तावित हैं, जिनमें से फिलहाल दो पर कार्य प्रारंभ हो चुका है। ट्रांजिट कैंप क्षेत्र में सीवर लाइन का कार्य अभी शेष है।

निरीक्षण में यह भी सामने आया कि बस अड्डे के समीप तीन स्थानों से छोटे-छोटे नाले सीधे चंद्रभागा नदी में गिर रहे हैं। इस पर अधिकारियों ने सुझाव दिया कि अस्थायी समाधान के तौर पर अंतिम छोर पर ड्रेन स्क्रीन लगाई जा सकती है, ताकि गंदा कचरा नदी में न पहुंचे।
जिलाधिकारी ने चंद्रेश्वर नगर के धोबीघाट क्षेत्र में बह रहे नाले का भी निरीक्षण किया।

जिलाधिकारी ने बताया कि प्रस्तुत की जाने वाली रिपोर्ट में जल संस्थान सीवर विंग, जल निगम अनुरक्षण इकाई, पेयजल निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को शामिल किया जाएगा। चंद्रभागा नदी में गंदगी फैलाने वालों पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सख्त कार्रवाई करेगा।
निरीक्षण के दौरान योगेश मेहरा, चंद्रकांत भट्ट सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।