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post authorAdmin 31 Jan 2026

ऋषिकेश: गंगा किनारे बैठा कलाकार, 15 मिनट में स्केच—देशी-विदेशी सैलानी हुए मुरीद.

ऋषिकेश की पावन धरती पर गंगा किनारे बैठा एक कलाकार आज सैलानियों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से आए 52 वर्षीय विमल अपनी अनोखी चित्रकला से लोगों का दिल जीत रहे हैं। वह मात्र 14 से 15 मिनट में किसी का भी स्केच तैयार कर देते हैं—और यही तेज़ी, सटीकता और भावों की पकड़ उनकी पहचान बन चुकी है।

विमल बताते हैं कि बचपन से ही उन्हें चित्रकारी का शौक रहा। इस शौक को उन्होंने न केवल साधा, बल्कि आजीविका का मजबूत साधन भी बनाया। उनकी स्केच पेंसिल की हर लकीर में अनुभव बोलता है। एक स्केच की कीमत 500 रुपये से शुरू होती है, जो कदरदान और डिटेलिंग के अनुसार बढ़ती है।

अपने हुनर की शुरुआत उन्होंने उत्तर प्रदेश से की। इसके बाद करीब सात वर्षों तक दिल्ली की गलियों में काम किया। कोरोना काल के बाद उन्होंने योगनगरी ऋषिकेश का रुख किया। बीते चार वर्षों से वह नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक क्षेत्र में गंगा लाइन किनारे बैठकर देशी-विदेशी पर्यटकों के स्केच बना रहे हैं।

खास बात यह है कि विदेशी पर्यटक भी उनकी कला के मुरीद हैं और यादगार के तौर पर अपनी तस्वीरें बनवाते हैं। विमल ने देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami सहित कई बॉलीवुड कलाकारों की कलाकृतियां भी तैयार की हैं। उनका कहना है कि अवसर मिलने पर वह मुख्यमंत्री को स्वयं अपने हाथों से बनाई स्केच भेंट करेंगे।

विमल की कहानी इस बात का प्रमाण है कि सच्चा हुनर रास्ता खुद बना लेता है—बस लगन और निरंतरता चाहिए।