उत्तराखंड की स्कूली शिक्षा व्यवस्था अब डिजिटल मूल्यांकन की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। शिक्षा विभाग ने निर्णय लिया है कि परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन अब ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा। इसके तहत उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन कर विशेष सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जाएगा, जहां कंप्यूटर आधारित प्रणाली उत्तरों की जांच कर स्वतः अंक प्रदान करेगी।
नई व्यवस्था के अंतर्गत प्रारंभिक चरण में यह प्रणाली कक्षा 9 तक लागू की जाएगी। भविष्य में इसे बोर्ड परीक्षाओं तक विस्तार देने की योजना है। इस पहल से न केवल शिक्षकों का बहुमूल्य समय बचेगा, बल्कि मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सटीक और तेज होगी। स्कैनिंग के बाद सॉफ्टवेयर उत्तरों का विश्लेषण कर दो से तीन दिनों के भीतर डिजिटल रिपोर्ट कार्ड तैयार कर देगा।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के अनुसार, यह कदम राज्य की शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और डिजिटल क्रांति को मजबूती देगा। विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से मूल्यांकन प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल किया जा रहा है। फरवरी 2026 से कक्षा 4 से 9 तक के ‘पहल डायग्नोस्टिक असेसमेंट’ और कक्षा 1 व 2 के ‘निपुण एंडलाइन असेसमेंट’ में ओसीआर तकनीक का प्रयोग किया जाएगा। यह तकनीक हाथ से लिखे अक्षरों, टाइप किए गए टेक्स्ट और प्रिंटेड डेटा को डिजिटल रूप में बदलकर उत्तरों का मूल्यांकन करेगी।



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