वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की आर्थिक दिशा स्पष्ट, स्थिर और विकासोन्मुख बनी हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस आत्मनिर्भर भारत के निर्माण, युवाशक्ति के सशक्तिकरण और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य पर केंद्रित है।
लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट ‘सबका साथ–सबका विकास’ के मूल मंत्र पर आधारित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने हर चुनौती के बीच असमंजस के बजाय ठोस नीतिगत फैसले लिए हैं।
लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि दुनिया इस समय व्यापार, आपूर्ति श्रृंखला और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के संकट से गुजर रही है। नई तकनीकों के कारण उत्पादन के तरीके बदल रहे हैं, वहीं ऊर्जा, पानी और महत्वपूर्ण खनिजों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे माहौल में भारत संतुलन, समावेशन और दीर्घकालिक दृष्टि के साथ आगे बढ़ रहा है।
यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार का 15वां बजट है और 2024 में एनडीए के तीसरी बार सत्ता में आने के बाद दूसरा पूर्ण बजट। इसके साथ ही निर्मला सीतारमण संसद में लगातार नौ बार बजट पेश करने वाली देश की पहली महिला वित्त मंत्री बन गई हैं।
बजट में पूंजीगत खर्च को प्राथमिकता देने के संकेत दिए गए हैं, खासकर उन क्षेत्रों में जो रणनीतिक रूप से भारत की आर्थिक मजबूती के लिए अहम हैं। बजट के बाद वित्त मंत्री देशभर से आए लगभग 30 कॉलेज छात्रों से संवाद करेंगी, जिन्होंने लोकसभा गैलरी से बजट प्रस्तुति को लाइव देखा।
सरकार ने बजट तैयार करते समय युवाओं और आम नागरिकों से विभिन्न मंचों पर सुझाव भी आमंत्रित किए थे, जिनकी झलक केंद्रीय बजट 2026-27 में साफ दिखाई देती है।



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