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post authorAdmin 01 Feb 2026

Budget 2026-27: महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों के लिए बड़े एलान, कृषि से रक्षा तक सरकार का मेगा प्लान.

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। यह मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का दूसरा पूर्ण बजट और निर्मला सीतारमण का नौवां बजट है। इस बजट में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों को केंद्र में रखकर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए हैं।

ग्रामीण आय बढ़ाने और कृषि से इतर रोजगार अवसर सृजित करने के उद्देश्य से पशुपालन, मत्स्य पालन और उच्च-मूल्य कृषि क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार ने 20,000 से अधिक पशु-चिकित्सा पेशेवरों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए ऋण-सम्बद्ध पूंजी सब्सिडी योजना का प्रस्ताव रखा है, जिससे पशु-चिकित्सा कॉलेज, अस्पताल, निजी संस्थान, डायग्नोस्टिक लैब और प्रजनन सुविधाओं का विस्तार होगा।

मत्स्य पालन क्षेत्र में 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों के समेकित विकास के साथ तटीय क्षेत्रों में मूल्य-श्रृंखला मजबूत की जाएगी। इससे स्टार्टअप्स, महिला-नेतृत्व वाले समूहों और मछली पालक किसान संगठनों को बाजार से जोड़ा जाएगा। पशुपालन उद्यमिता के लिए नई ऋण-सम्बद्ध सब्सिडी के जरिए डेयरी और पॉल्ट्री आधारित एकीकृत मूल्य-श्रृंखला के आधुनिकीकरण को बढ़ावा मिलेगा।

तटीय किसानों के लिए नारियल संवर्धन योजना लाई गई है। सरकार के अनुसार, लगभग तीन करोड़ लोग नारियल आधारित आजीविका पर निर्भर हैं और भारत विश्व का सबसे बड़ा नारियल उत्पादक है। काजू-कोको कार्यक्रम के जरिए उत्पादन, प्रसंस्करण और निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा चंदन की खेती व प्रसंस्करण को बढ़ावा देकर भारतीय चंदन पारिस्थितिकी के पुनर्जीवन का प्रस्ताव है। पहाड़ी क्षेत्रों में अखरोट, बादाम और चिलगोजा जैसी उच्च-घनत्व खेती के लिए विशेष योजना लाई गई है, जिसमें युवाओं की भागीदारी पर फोकस रहेगा।

रक्षा क्षेत्र में सरकार ने 2026-27 के लिए 7.84 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। पूंजीगत व्यय में विमान, एयरो-इंजन और नौसेना बेड़े के लिए बड़ी राशि तय की गई है। साथ ही असैन्य व प्रशिक्षण विमानों के पुर्जों और रक्षा-रखरखाव में प्रयुक्त कच्चे माल पर मूल सीमा शुल्क में छूट देकर रक्षा व अंतरिक्ष उद्योग को गति देने का लक्ष्य रखा गया है।