ऋषिकेश से एक अहम जनआंदोलन की आवाज़ एक बार फिर केंद्र सरकार तक पहुँची है।
बापूग्राम बचाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बापूग्राम सहित आसपास के क्षेत्रों को राजस्व ग्राम घोषित किए जाने की मांग को लेकर एसडीएम योगेश मेहरा के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन प्रेषित किया।
ज्ञापन में बताया गया कि बापूग्राम क्षेत्र की स्थापना महात्मा गांधी की शिष्या मीरा बेन ने निर्धन, अनुसूचित जाति और सामान्य वर्ग के लोगों को स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से की थी।
26 मई 1950 को पशुलोक सेवा मंडल नामक समिति का गठन कर तत्कालीन सरकार से भूमि लीज पर लेकर एक सुनियोजित ग्राम एवं कृषि क्षेत्र विकसित किया गया।
समिति के अनुसार कुल 2866 एकड़ भूमि में आज एम्स ऋषिकेश, पशुपालन विभाग, टिहरी विस्थापित क्षेत्र, आईडीपीएल संस्थान, जल संस्थान और विद्युत विभाग जैसे बड़े संस्थान कार्यरत हैं।
शेष 578.90 एकड़ भूमि पर शिवाजी नगर, बीसबीघा, मीरानगर, बापूग्राम, सुमन विहार, नंदू फार्म, गीतानगर, मालवीय नगर और अमितग्राम जैसे क्षेत्र बसे हुए हैं, जहाँ लगभग 17 हजार परिवार और 80 हजार की आबादी निवास करती है।
समिति ने स्पष्ट किया कि यह क्षेत्र वर्ष 1967 से ग्राम सभा ऋषिकेश और 2017 से नगर निगम के 12 वार्डों के अंतर्गत आता है, लेकिन आज भी राजस्व ग्राम का दर्जा न मिलने से नागरिक मूलभूत अधिकारों से वंचित हैं।



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