भारतीय पर्वतारोहण इतिहास में एक और साहसिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। भारतीय पर्वतारोहियों की एक विशेष टीम अर्जेंटीना स्थित दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी Mount Aconcagua पर चढ़ाई के लिए रवाना हो गई है।
इस अभियान को गुरुवार को नई दिल्ली स्थित साउथ ब्लॉक से रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पर्वतारोहण अभियान नेहरू पर्वतारोहण संस्थान, उत्तरकाशी और जवाहर पर्वतारोहण एवं शीतकालीन खेल संस्थान, पहलगाम के संयुक्त प्रयास से संचालित किया जा रहा है।
करीब 6,961 मीटर ऊंचा माउंट एकांकागुआ न सिर्फ दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी है, बल्कि एशिया के बाहर दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी भी मानी जाती है।
टीम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि पर्वतारोहण केवल शारीरिक शक्ति नहीं, बल्कि साहस, धैर्य, अनुशासन और टीमवर्क की परीक्षा है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय पर्वतारोही इन सभी कसौटियों पर खरे उतरते हुए देश का गौरव बढ़ाएंगे।
इस अभियान में कुल छह अनुभवी पर्वतारोही शामिल हैं—
कर्नल हेम चंद्र सिंह, कैप्टन जी. संतोष कुमार, दीप बहादुर साही, विनोद गुसाईं, नायब सूबेदार भूपिंदर सिंह और हवलदार रमेश कुमार।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह अभियान 6 फरवरी से शुरू होकर फरवरी के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। मंत्रालय ने बताया कि इस मिशन से प्राप्त अनुभव भविष्य में युवाओं, सेना के जवानों और साहसिक खेलों से जुड़े प्रशिक्षण को और अधिक सुरक्षित व प्रभावी बनाएगा।
यह अभियान भारत की वैश्विक पर्वतारोहण मंच पर लगातार मजबूत होती मौजूदगी का प्रतीक है।




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