उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बाघ और तेंदुओं के बढ़ते हमलों के बीच अब वन विभाग महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक अनोखे और व्यावहारिक प्रयोग की तैयारी कर रहा है। जंगल में लकड़ी, घास और चारा लेने जाने वाली महिलाओं को अब कंटीला गुलबंद पहनाया जाएगा, जिससे हमला करने वाला वन्यजीव खुद घायल होकर पीछे हट जाए।
यह विशेष गुलबंद चमड़े के मजबूत पट्टे पर तैयार किया जाएगा, जिसमें लोहे की नुकीली कीलें लगी होंगी। तेंदुआ या बाघ जब गर्दन पर हमला करेगा, तो कांटों से घायल होकर भाग खड़ा होगा। यह प्रयोग पहले महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों में सफल साबित हो चुका है।
गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में तेंदुओं की दहशत के कारण बीते दिनों कई गांवों में स्कूल तक बंद करने पड़े। ऐसे में महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उत्तराखंड वन विभाग अब ‘लिविंग विद लेपर्ड’ थीम पर जमीनी स्तर पर समाधान लागू करने जा रहा है।



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