प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2026 के पहले मन की बात कार्यक्रम के ज़रिये देशवासियों को संबोधित किया। यह कार्यक्रम का 130वां एपिसोड था। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने खेती, स्वास्थ्य, तकनीक और समाज से जुड़े कई अहम विषयों पर चर्चा की और जनभागीदारी से जुड़े प्रयासों की सराहना की।
प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष रूप से मिलेट्स यानी श्रीअन्न को भारत की सांस्कृतिक और पोषण परंपरा का अहम हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 को ‘मिलेट वर्ष’ घोषित किए जाने के बाद भी श्रीअन्न को लेकर देश और दुनिया में उत्साह लगातार बना हुआ है, जो बेहद प्रेरणादायक है।
प्रधानमंत्री ने कहा, “आज सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में श्रीअन्न के प्रति आकर्षण बढ़ रहा है। यह सेहत के लिए लाभकारी है और किसानों की आय बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभा रहा है।”
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु के कल्ल-कुरिची ज़िले का उदाहरण देते हुए महिला किसानों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बताया कि ‘पेरियापलायम मिलेट’ एफपीसी से करीब 800 महिला किसान जुड़ी हुई हैं, जिन्होंने मिलेट प्रोसेसिंग यूनिट शुरू कर अपने उत्पाद सीधे बाज़ार तक पहुंचाए। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं और उनकी आय में भी वृद्धि हुई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने राजस्थान के रामसर क्षेत्र में हो रहे नवाचारों का भी ज़िक्र किया, जहां 900 से अधिक किसान बाजरे की खेती से जुड़े हैं और बाजरे से बने लड्डुओं की बाज़ार में अच्छी मांग है।
उन्होंने बताया कि कई मंदिरों में अब प्रसाद के रूप में भी केवल मिलेट से बने उत्पादों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे परंपरा, स्वास्थ्य और रोज़गार एक साथ जुड़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने फरवरी में आयोजित होने वाले ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ की भी जानकारी दी और कहा कि अगले मन की बात कार्यक्रम में इस विषय पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। अंत में उन्होंने देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं।



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