गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर देहरादून स्थित गांधी पार्क में भारत विकास परिषद द्वारा आयोजित सामूहिक ‘वंदे मातरम्’ गायन कार्यक्रम में पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, एकता और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि ‘वंदे मातरम्’ अपनी रचना के 150 वर्ष पूर्ण कर चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित और गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा संगीतबद्ध यह राष्ट्रगीत स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जन-जन को जोड़ने का माध्यम बना। जब हजारों कंठों से एक साथ ‘वंदे मातरम्’ का उच्चारण होता है, तो राष्ट्र के प्रति समर्पण और संकल्प और अधिक सशक्त हो जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 26 जनवरी 1950 को भारत ने अपना संविधान लागू कर लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में नई यात्रा आरंभ की। भारतीय संविधान केवल कानूनों का संग्रह नहीं, बल्कि हजारों वर्षों की सभ्यता, संस्कृति और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतिबिंब है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, यूपीआई और बुनियादी ढांचे के विस्तार से देश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में सख्त भू-कानून, समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून और धर्मांतरण विरोधी कानून लागू कर सरकार ने केवल घोषणाएं नहीं कीं, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारा। पिछले साढ़े चार वर्षों में 27 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है, 11 हजार एकड़ से अधिक भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई गई है और 44 प्रतिशत रिवर्स पलायन दर्ज हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग के एसडीजी इंडेक्स 2023-24 में उत्तराखंड देश में प्रथम स्थान पर रहा है और सरकार देवभूमि को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।



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