उत्तराखंड के पवित्र गंगोत्री धाम से जुड़ी एक बड़ी और अहम खबर सामने आई है।
श्री गंगोत्री मंदिर समिति की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि अब गंगोत्री धाम में गैर-हिंदुओं का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल के अनुसार यह फैसला केवल ग्रीष्मकालीन गंगोत्री धाम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मां गंगा के शीतकालीन निवास मुखबा पर भी समान रूप से लागू होगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर की धार्मिक गरिमा, परंपराओं और श्रद्धा-भाव को बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।
इसी क्रम में, श्री बद्रीनाथ‑केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने संकेत दिए हैं कि आगामी बोर्ड बैठक में बद्रीनाथ धाम और केदारनाथ धाम सहित समिति के अधीन सभी मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव रखा जा सकता है।
प्रस्ताव पर चर्चा के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
गौरतलब है कि मार्च 2025 में केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक आशा नौटियाल ने भी केदारनाथ मंदिर परिसर में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक की मांग उठाई थी।
उनका कहना था कि यात्रा प्रबंधन बैठकों के दौरान कुछ ऐसी घटनाएं सामने आईं, जिनसे धाम की पवित्र छवि को नुकसान पहुंचा।
वहीं, उत्तराखंड सरकार हरिद्वार और ऋषिकेश को ‘सनातन पवित्र शहर’ घोषित करने पर भी गंभीरता से विचार कर रही है। प्रस्ताव के तहत हरिद्वार क्षेत्र के लगभग 105 घाटों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश को प्रतिबंधित करने की योजना पर मंथन चल रहा है।



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