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post authorAdmin 12 Feb 2026

लिव-इन में रह रही छात्रा की प्रसव के बाद मौत, पिता ने नवजात को अपनाने से किया इनकार.

देहरादून में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही बीसीए की एक छात्रा की प्री-मेच्योर डिलीवरी के कुछ दिन बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। अब इस मामले में एक नया और गंभीर मोड़ सामने आया है। नवजात के कथित पिता ने बच्चे को अपनाने से इनकार कर दिया है, जबकि इससे पहले उसने बच्चे को स्वीकार करने की सहमति जताई थी।

जानकारी के अनुसार, खटीमा निवासी युवती देहरादून में बीसीए की पढ़ाई कर रही थी और यहां अपने ही क्षेत्र के एक युवक के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी। कुछ दिन पूर्व युवती की सिजेरियन के माध्यम से प्री-मेच्योर डिलीवरी हुई थी। नवजात को जन्म के बाद एनआईसीयू में भर्ती कराया गया।

बीते रविवार छात्रा की मौत हो गई। प्रारंभिक स्तर पर युवक ने नवजात को अपनाने की बात कही थी, लेकिन बाद में वह अपने बयान से मुकर गया।

इस संबंध में अस्पताल प्रशासन ने श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल, पटेलनगर की ओर से बाल कल्याण समिति को लिखित सूचना दी। बताया गया कि अविवाहित माता की मृत्यु के बाद बच्चे के भविष्य को लेकर अनिश्चितता की स्थिति है।

परिवारों के बीच विवाद की स्थिति बनने के बाद बाल कल्याण समिति ने मामले में हस्तक्षेप किया है। समिति की सदस्य नीता कांडपाल के अनुसार, ‘चाइल्ड हेल्पलाइन’ को निर्देशित किया गया है कि नवजात का स्वास्थ्य परीक्षण कराकर उसे समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।

समिति ने स्पष्ट किया है कि बच्चे के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए उसे अस्थायी रूप से शिशु गृह भेजा जाएगा। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि नवजात को लंबे समय तक एनआईसीयू में नहीं रखा जा सकता।

इस पूरे घटनाक्रम ने समाज में लिव-इन रिलेशनशिप, पारिवारिक जिम्मेदारी और नवजात के अधिकारों को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।