नई दिल्ली, 13 फरवरी 2026।
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने प्रधानमंत्री कार्यालय के नए परिसर ‘सेवा तीर्थ’ से अपने पहले अहम निर्णयों पर हस्ताक्षर किए। अधिकारियों के अनुसार ये फैसले “सेवा भावना” और “नागरिक देवो भव” के सिद्धांत पर आधारित हैं, जिनका उद्देश्य समाज के हर वर्ग — किसान, महिला, युवा और जरूरतमंद नागरिक — को सशक्त बनाना है।
पहला फैसला: सड़क हादसा पीड़ितों को 1.5 लाख तक कैशलेस इलाज
प्रधानमंत्री ने PM राहत योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को 1.5 लाख रुपये तक कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि त्वरित इलाज के अभाव में किसी भी नागरिक की जान न जाए।
दूसरा फैसला: ‘लखपति दीदी’ लक्ष्य दोगुना
सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण कार्यक्रम लखपति दीदी योजना का लक्ष्य बढ़ाकर 6 करोड़ कर दिया है।
पहले 3 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित था, जिसे 2027 से पहले ही प्राप्त कर लिया गया। अब मार्च 2029 तक 6 करोड़ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया गया है।
तीसरा फैसला: कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड दोगुना
कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड को 1 लाख करोड़ से बढ़ाकर 2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। इससे भंडारण, सप्लाई चेन और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा।
चौथा फैसला: स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0
सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये के Startup India Fund of Funds 2.0 को मंजूरी दी है। यह फंड डीप टेक, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और शुरुआती नवाचारों को समर्थन देगा।
‘सेवा तीर्थ’ का उद्घाटन
प्रधानमंत्री ने नए परिसर का नाम ‘सेवा तीर्थ’ घोषित किया। यह परिसर रायसीना हिल्स स्थित साउथ ब्लॉक की जगह प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय को एकीकृत करेगा।
परिसर की दीवार पर देवनागरी में ‘सेवा तीर्थ’ अंकित है, जिसके नीचे आदर्श वाक्य लिखा है — “नागरिक देवो भव”।



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