नई दिल्ली/श्रीनगर | 15 फरवरी 2026
जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा उजागर किए गए एक कथित व्हाइट-कॉलर आतंकी नेटवर्क मामले में जांच एजेंसियों को कई अहम सुराग मिले हैं। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए कुछ डॉक्टर वर्ष 2016 से ही कट्टरपंथी विचारधारा की ओर झुकाव रखते थे और वर्ष 2022 में उन्होंने “अंसार इंटेरिम” नामक संगठन गठित किया।
मामले की जांच अब राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) कर रही है। एजेंसी के अनुसार, 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किला के निकट हुए विस्फोट में 10 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। जांच में सामने आया है कि विस्फोटकों से लदी कार कथित रूप से डॉ. उमर-उन-नबी चला रहा था, जो पहले भी आतंकी संगठनों में शामिल होने का प्रयास कर चुका था।
संगठन गठन और भूमिकाएं
जांच के अनुसार, अप्रैल 2022 में श्रीनगर के ईदगाह क्षेत्र में कुछ आरोपियों की बैठक हुई। यहां “अंसार इंटेरिम” नामक समूह बनाने का निर्णय लिया गया। आरोप है कि समूह में ‘अमीर’, ‘उप-अमीर’ और कोषाध्यक्ष जैसी भूमिकाएं तय की गईं।
अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि सक्रिय आतंकवादी नेटवर्क से संपर्क टूटने के बाद उन्होंने नया संगठन बनाने का फैसला किया।
विस्फोटक सामग्री की खरीद
जांच एजेंसियों के अनुसार, वर्ष 2023 में हरियाणा के सोहना और नूंह क्षेत्रों से उर्वरक खरीदे गए। इसके अतिरिक्त फरीदाबाद से रासायनिक पदार्थ भी खरीदे गए। पूछताछ में यह भी सामने आया कि ऑनलाइन माध्यम से विस्फोटक बनाने से जुड़े वीडियो देखे गए।
हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और सभी आरोप अदालत में विचाराधीन हैं।




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