जॉली ग्रांट एयरपोर्ट (देहरादून) पर टैक्सी संचालन का काम एक निजी कंपनी को दिए जाने के फैसले का स्थानीय टैक्सी चालकों ने कड़ा विरोध किया है। एयरपोर्ट टैक्सी यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि प्रीपेड टैक्सी सेवा बंद की गई तो आंदोलन किया जाएगा।
सोमवार को डोईवाला कोतवाली निरीक्षक की ओर से एयरपोर्ट टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष संजय सिंधवाल और सचिव चंद्रकिशोर उनियाल को एक पत्र सौंपा गया। पत्र में उल्लेख किया गया है कि हवाई यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट प्रशासन ने एप आधारित कैब एग्रीगेटर कंपनियों के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
प्रशासन के अनुसार, कैब एग्रीगेटर सेवाओं के संचालन का अनुबंध एक कंपनी को दिया गया है। साथ ही पत्र में यह भी कहा गया है कि संभावित विरोध को देखते हुए किसी भी प्रकार का धरना-प्रदर्शन प्रशासन की पूर्व अनुमति के बिना नहीं किया जा सकता।
यूनियन सचिव चंद्रकिशोर उनियाल ने कहा कि वर्तमान में लगभग 500 स्थानीय टैक्सी चालक एयरपोर्ट से अपनी आजीविका चला रहे हैं। उनका कहना है कि किसी कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए स्थानीय लोगों का रोजगार समाप्त नहीं किया जा सकता।
यूनियन के पूर्व अध्यक्ष महेंद्र प्रसाद भारती ने बताया कि एयरपोर्ट विस्तार के दौरान कई टैक्सी चालकों ने अपनी भूमि दी थी। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाना चाहिए, अन्यथा आंदोलन किया जाएगा।
एयरपोर्ट प्रशासन से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में मदन सिंह, मुकेश गौड़ और कीर्ति सिंह नेगी सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।
एयरपोर्ट सलाहकार समिति सदस्य ईश्वर सिंह रौथाण ने भी स्थानीय टैक्सी चालकों की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि जिन लोगों ने अपनी जमीनें एयरपोर्ट के लिए दीं, उन्हें रोजगार के अवसरों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।



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