उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के किच्छा क्षेत्र के ग्राम अंजनिया में एक 15 वर्षीय किशोरी की शादी को पुलिस और सामाजिक संस्था की तत्परता से रुकवा दिया गया। मामला उस समय सामने आया जब हरियाणा निवासी 27 वर्षीय युवक दुल्हन के घर पर घुड़चढ़ी की रस्म निभा रहा था।
सूचना मिलने पर स्वयंसेवी संस्था इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल डेवलपमेंट (ISD) की परियोजना निदेशक बिन्दुवासिनी पुलिस टीम के साथ विवाह स्थल पर पहुंचीं। मौके पर किशोरी का आधार कार्ड प्रस्तुत नहीं किया जा सका। जांच के दौरान जूनियर हाईस्कूल के दस्तावेजों में उसकी आयु 15 वर्ष 11 माह पाई गई।
पुलिस ने विवाह समारोह की वीडियोग्राफी कराई और विवाह को तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया। बाल कल्याण समिति के निर्देश पर नाबालिग किशोरी को महिला दरोगा सीमा की मौजूदगी में वन स्टॉप सेंटर में दाखिल कराया गया।
ISD के अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि उनकी संस्था “बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” के तहत Just Rights for Children Alliance के सहयोग से “बाल विवाह मुक्ति रथ” चला रही है।
बाल कल्याण समिति के समक्ष वर एवं वधू पक्ष के परिजनों को प्रस्तुत किया गया है। वहीं पुलभट्टा थाना प्रभारी प्रदीप कुमार मिश्रा ने बताया कि दूल्हे व दोनों पक्षों के परिजनों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।
ग्राम प्रधान अमन कश्यप सहित बैंड-बाजा और कैटरिंग सेवा प्रदाताओं को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे वैवाहिक अनुबंध से पहले वर-वधू की आयु का सत्यापन अवश्य करें।




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