ब्रजधाम, मथुरा-वृंदावन।
भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के दिव्य प्रेम को समर्पित फुलेरा दूज का पावन पर्व 19 फरवरी 2026, गुरुवार को मनाया जाएगा। यह पर्व फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को पड़ता है और ब्रज क्षेत्र—विशेषकर मथुरा और वृंदावन—में अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन श्रीकृष्ण ने गोपियों के साथ फूलों की होली खेली थी। इसलिए इसे ब्रज में होली उत्सव की औपचारिक शुरुआत माना जाता है। मंदिरों में राधा-कृष्ण की विशेष झांकियां सजाई जाती हैं और पुष्पवर्षा के साथ भक्तिमय वातावरण बनता है।
पंचांग अनुसार विशेष जानकारी
तिथि: फाल्गुन शुक्ल द्वितीया
वार: गुरुवार, 19 फरवरी 2026
नक्षत्र: पूर्वाभाद्रपद (रात्रि 8:52 बजे तक)
चंद्रमा: कुंभ राशि में
सूर्योदय: प्रातः 6:56 बजे
सूर्यास्त: सायं 6:14 बजे
अशुभ काल
राहुकाल: दोपहर 2:00 से 3:25 बजे तक
यमगंड: प्रातः 6:56 से 8:21 बजे तक
गुलिक काल: प्रातः 9:46 से 11:10 बजे तक
शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त: 12:13 से 12:58 बजे तक
विजय मुहूर्त: 2:28 से 3:13 बजे तक
अमृत काल: 1:00 से 2:34 बजे तक
ज्योतिषीय दृष्टि से इसे “अबूझ मुहूर्त” माना जाता है, अर्थात इस दिन विवाह और सगाई जैसे मांगलिक कार्य बिना विशेष मुहूर्त के भी किए जा सकते हैं। हालांकि, सभी पंचांग और ज्योतिषी इस मत से सहमत नहीं हैं।
फुलेरा दूज केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि रंग, भक्ति और प्रेम की आध्यात्मिक शुरुआत है, जो ब्रज की गलियों में होली के रंगों की पहली आहट लेकर आती है




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