नई दिल्ली/वॉशिंगटन। भारत-अमेरिका के बीच घोषित अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा के साथ एक आधिकारिक दृश्य दस्तावेज़ ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अमेरिका के यूएस ट्रेड रिप्रेज़ेंटेटिव (USTR) कार्यालय द्वारा साझा किए गए नक्शे में पूरा जम्मू-कश्मीर, जिसमें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) भी शामिल है, भारत का अभिन्न हिस्सा दर्शाया गया है। इतना ही नहीं, अक्साई चिन को भी भारत के हिस्से के रूप में दिखाया गया है—जिस पर चीन वर्षों से दावा करता रहा है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब भारत और अमेरिका हालिया तनाव के बाद संबंधों को फिर संतुलित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने भारतीय वस्तुओं पर 50% तक टैरिफ लगाया था—जो अमेरिकी सहयोगी देशों में सबसे अधिक था। अब अंतरिम समझौते के तहत इसे घटाकर लगभग 18% किया गया है।
साथ ही, रूस से तेल आयात के मसले पर भारत द्वारा उठाए गए “उल्लेखनीय कदमों” को स्वीकार करते हुए अमेरिका ने 25% अतिरिक्त शुल्क वापस ले लिया है। कार्यकारी आदेश में कहा गया है कि भारत ने रूस से प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष तेल आयात रोकने की प्रतिबद्धता जताई है, अमेरिका से ऊर्जा उत्पाद खरीदने पर सहमति दी है और अगले 10 वर्षों में रक्षा सहयोग बढ़ाने की रूपरेखा पर भी सहमति बनी है।
राजनयिक विश्लेषकों के मुताबिक, नक्शे में PoK और अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाना पाकिस्तान और चीन—दोनों के लिए कड़ा संदेश है। भारत लंबे समय से स्पष्ट करता रहा है कि जम्मू-कश्मीर उसका अभिन्न अंग है; इस दृश्य दस्तावेज़ ने उसी रुख को अंतरराष्ट्रीय मंच पर और मजबूत किया है।



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