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post authorAdmin 09 Feb 2026

उत्तराखंड: कोटद्वार में बना ‘लकड़ी का यूएवी’ बना वायुसेना की ताकत, दुश्मन की टोह से लेकर हमले तक सक्षम.

उत्तराखंड के कोटद्वार में तैयार किए जा रहे यूएवी यानी अनमैंड एरियल व्हीकल आज देश की सुरक्षा में अहम भूमिका निभा रहे हैं। खास बात यह है कि ये यूएवी अत्याधुनिक तकनीक के साथ-साथ विशेष प्रकार की हल्की लकड़ी से बनाए जाते हैं।

देहरादून में आयोजित उत्तरायणी कौथिक महोत्सव में इन यूएवी की प्रदर्शनी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यहां कोटद्वार स्थित Crosswind Solution कंपनी द्वारा बनाए गए यूएवी प्रदर्शित किए गए हैं, जिनकी हर वर्ष 10 से 15 यूनिट भारतीय वायुसेना को आपूर्ति की जाती है।

इन यूएवी का ढांचा बालसा लकड़ी से तैयार किया जाता है, जो बेहद हल्की होने के साथ-साथ अत्यंत मजबूत मानी जाती है। कीमत के लिहाज़ से एक यूएवी में करीब 30 से 35 प्रतिशत हिस्सेदारी बालसा लकड़ी की होती है, जबकि बाकी हिस्से में इंजन, सर्वो मोटर, ट्रांसमीटर, रिसीवर, बैटरी और ईंधन सिस्टम लगाया जाता है।

कंपनी के प्रबंध निदेशक और एयरोस्पेस ट्रेनर विनोद कुमार के अनुसार, ये यूएवी न सिर्फ दुश्मन की निगरानी करते हैं बल्कि आवश्यकता पड़ने पर मिसाइल या बम के ज़रिए हमले करने में भी सक्षम हैं। ये पांच से 15 फीट आकार के होते हैं और पांच से छह किलोमीटर तक उड़ान भर सकते हैं। खास बात यह है कि इन्हें दुश्मन के ड्रोन रोकने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

UAV Unmanned Aerial Vehicle manufactured in Kotdwar used to secure country borders made of wood Uttarakhand