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post authorAdmin 09 Feb 2026

Border-2 की रिलीज़ के बीच ‘Border’ पर फिर विवाद लोंगेवाला युद्ध के दिग्गज बोले – फ़िल्म में हमें ज़िंदा रहते हुए शहीद कर दिया.

देशभर में हाल ही में रिलीज़ हुई फिल्म Border‑2 एक बार फिर 1971 के भारत-पाक युद्ध की यादें ताज़ा कर रही है। लेकिन इसी के साथ 1997 में आई सुपरहिट फिल्म Border को लेकर एक पुराना विवाद फिर से सुर्खियों में आ गया है।

1971 के ऐतिहासिक लोंगेवाला युद्ध में शामिल रहे कुछ पूर्व सैनिकों ने आरोप लगाया है कि फिल्म ‘Border’ में युद्ध की सच्चाई को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया और कई जीवित सैनिकों को शहीद दिखा दिया गया।

लोंगेवाला की लड़ाई में शामिल रहे फिरोजपुर निवासी जगदेव सिंह ने कहा कि उनकी कंपनी को फिल्म में पूरी तरह खत्म दिखाया गया, जबकि वास्तविकता में केवल तीन जवानों की शहादत हुई थी।
उन्होंने कहा, “हमें फ़िल्म में मरा हुआ दिखा दिया गया, जबकि हम आज भी ज़िंदा हैं। किसी ने यह जानने की कोशिश ही नहीं की कि जिन्हें शहीद बताया गया, वे आज कहां हैं।”

जगदेव सिंह ने बताया कि वे महज़ 19 वर्ष की उम्र में सेना में भर्ती हुए और केवल साढ़े चार महीने की ट्रेनिंग के बाद 23 पंजाब रेजिमेंट के साथ युद्ध में उतर गए। लोंगेवाला पोस्ट पर उनकी कंपनी में 100 से भी कम जवान थे, जिन्होंने टैंकों से लैस पाकिस्तानी सेना के बड़े हमले को रोका। इस लड़ाई में भारतीय वायुसेना की भूमिका निर्णायक रही।

पूर्व सैनिकों का कहना है कि आज भी लगभग 20 ही ऐसे सैनिक जीवित हैं, जो उस युद्ध में शामिल थे। वे चाहते हैं कि आने वाली पीढ़ी को युद्ध की सच्ची कहानी बताई जाए, न कि सिनेमा के ज़रिये बदली हुई कहानी।

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