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post authorAdmin 10 Feb 2026

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तरायणी कौथिक महोत्सव के समापन समारोह में हुए शामिल, लोक संस्कृति के संरक्षण का दोहराया संकल्प.

देहरादून।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज परेड ग्राउंड में सेवा संकल्प फाउंडेशन द्वारा आयोजित चार दिवसीय उत्तरायणी कौथिक महोत्सव के समापन समारोह में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने लोक कलाकारों, साहित्यकारों, संस्कृति-प्रेमियों और बड़ी संख्या में उपस्थित जनता का स्वागत एवं अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तरायणी कौथिक जैसे आयोजन उत्तराखंड की समृद्ध लोक-संस्कृति को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने सेवा संकल्प फाउंडेशन की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि संस्था राज्य की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने में उल्लेखनीय योगदान दे रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जागर, बेड़ा, मांगल, खुदेड़, छोपाटी जैसे लोकगीत और छोलिया, पांडव, झोड़ा-छपेली जैसे लोकनृत्य उत्तराखंड की सांस्कृतिक आत्मा हैं, जिनका संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने महोत्सव में लगे हस्तशिल्प, जैविक उत्पादों और पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉलों की भी प्रशंसा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसी पहलों से देश की सांस्कृतिक और आर्थिक शक्ति को नई दिशा मिली है। इसी क्रम में उत्तराखंड सरकार द्वारा हाउस ऑफ हिमालयाज, एक जनपद-दो उत्पाद जैसी योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि किसानों की आय बढ़ाने में उत्तराखंड देश में प्रथम स्थान पर है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, स्टार्टअप रैंकिंग और सतत विकास लक्ष्यों में भी राज्य को राष्ट्रीय पहचान मिली है।

उन्होंने कहा कि लोक कलाकारों को पेंशन, आर्थिक सहायता और गुरु-शिष्य परंपरा के माध्यम से प्रशिक्षण देकर सरकार संस्कृति संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।

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