उत्तराखंड के हरिद्वार से बैंकिंग सिस्टम की गंभीर लापरवाही और संभावित मिलीभगत का मामला सामने आया है।
ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र में एक व्यापारी के बंद कराए जा चुके करंट खाते से 12 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन का खुलासा हुआ है।
पीड़ित व्यापारी अवनीत अरोड़ा, निवासी छोटा जोगीवाड़ा, मोती बाजार, हरिद्वार ने न्यायालय में दिए गए प्रार्थना-पत्र में बताया कि उनकी दुकान के नाम से बंधन बैंक की ज्वालापुर रोड शाखा में एक करंट अकाउंट संचालित था।
पीड़ित के अनुसार, अप्रैल 2025 में उन्होंने खाता बंद कराने के लिए बैंक के कस्टमर रिलेशनशिप ऑफिसर को लिखित आवेदन सौंपते हुए एटीएम कार्ड और चेकबुक भी जमा कर दी थी। इसके बाद उन्हें खाते के बंद होने की मौखिक पुष्टि भी कर दी गई थी।
लेकिन 13 अगस्त 2025 को जब उन्हें कोरियर के माध्यम से बैंक स्टेटमेंट प्राप्त हुई, तो वह हैरान रह गए।
स्टेटमेंट के अनुसार, 1 मई से 26 जून 2025 के बीच खाते में लगभग 12.14 करोड़ रुपये जमा किए गए और 12.12 करोड़ रुपये की निकासी भी कर ली गई, जबकि इस अवधि में उन्होंने किसी भी प्रकार का कोई लेनदेन नहीं किया था।
आरोप है कि इस दौरान खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी भी बदल दी गई, जिससे खाताधारक को किसी भी ट्रांजेक्शन की सूचना नहीं मिल सकी।
पीड़ित ने शाखा प्रबंधक और संबंधित कर्मचारियों पर मिलीभगत का गंभीर आरोप लगाया है।
यह भी आरोप है कि 20 अगस्त 2025 को जब वह दोबारा बैंक शाखा पहुंचे, तो कर्मचारियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और शिकायत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
मामले में कोर्ट के आदेश पर ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है और सभी तथ्यों की गहनता से पड़ताल की जाएगी।



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